ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रविवार (1 फरवरी 2026) को अमेरिका को चेतावनी दी कि अगर वह युद्ध शुरू करता है तो इस बार यह एक क्षेत्रीय युद्ध होगा. उन्होंने ईरान सरकार को चुनौती देने वाले विरोध प्रदर्शनों की तुलना तख्तापलट से की. खामेनेई का ये बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप ने ईरान के सामने दो शर्तें रखी है, जिसमें परमाणु कार्यक्रम बंद करना और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई बंद करना शामिल है.
ईरान ने एक और दो फरवरी को फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में सैन्य अभ्यास की योजना बनाई थी. फारस की खाड़ी (Persian Gulf) के संकरे मुहाने को होर्मुज जलडमरूमध्य (The Strait of Hormuz) कहा जाता है. इससे दुनिया भर में तेल व्यापार का पांचवां हिस्सा गुजरता है. तेहरान ने चेतावनी दी थी कि यहां वह गोलीबारी का अभ्यास करेगा. वहीं अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने शनिवार (31 दिसंबर 2026) को चेतावनी दी कि अमेरिकी सेना, क्षेत्रीय साझेदारों या कॉमर्शियल शिप के पास तनाव बढ़ता है तो इससे क्षेत्र में जोखिम और बढ़ेगा.
ईरानी सरकार टेलीविजन के मुताबिक खामेनेई ने कहा, ‘अमेरिकियों को पता होना चाहिए कि अगर वे जंग शुरू करेंगे तो इस बार मिडिल ईस्ट में क्षेत्रीय युद्ध होगा. हम उकसाने वाले नहीं हैं और हम किसी भी देश पर हमला नहीं करना चाहते हैं, लेकिन ईरान हर उस शख्स को करारा जवाब देगा जो हम पर हमला करेगा.’
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