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असम में अकेले चुनाव लड़ेगी रायजोर पार्टी, कांग्रेस पर लगाया धोखा देने आरोप, नहीं हुआ गठबंधन


असम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले रायजोर दल और कांग्रेस के बीच चुनावी गठबंधन की सभी संभावनाएं खत्म हो गईं है. रायजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई ने रविवार को कहा है कि उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी. कांग्रेस से गठबंधन पर सहमति न बनने को लेकर उन्होंने कांग्रेस के नेताओं के अहंकार युक्त रवैये को जिम्मेदार ठहराया है.

अखिल गोगोई ने काजीरंगा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए कहा कि राज्य में रूलिंग गठबंधन को चुनौती देने के मकसद से एक विपक्षी गठबंधन बनाने को लेकर हाल के हफ्तों में रायजोर दल और कांग्रेस के बीच कई राउंड की बातचीत हुई थी. हालांकि, सीट शेयरिंग पर गंभीर असहमति और दोनों पक्षों के बीच आपसी समझ की कमी के चलते बाचतीच आखिरकार फेल हो गई है.

सीट-शेयरिंग पर विवाद

गोगोई के मुताबिक, असम के कई हिस्सों में पार्टी के बढ़ते ग्राउंड सपोर्ट को देखते हुए रायजोर पार्टी ने शुरू में प्रस्तावित गठबंधन के तत 27 विधानसभा सीटों की मांग की थी. पार्टी ने धीरे-धीरे अपनी मांग को घटाकर 15 सीटें कर दी. बाद में कांग्रेस के साथ समझौता करने के लिए इसे घटाकर 13 तक कर दीं थी. प्रस्तावित फॉर्मूले के तहत रायजोर दल एक मुश्किल व्यवस्था मानने को तैयार था, इसमें मांग की गई थी कि रायजोर दल की चार सीटों पर अपने उम्मीदवार चुनने की पूरी आजादी के साथ चुनाव लड़ेगा. इनमें चार सीटें ऐसे थी जिनपर कांग्रेस और रायजोर के बीच दोस्ताना मुकाबला होना था. पांच सीटें ऐसी थीं, जिनके बारे में रायजोर दल का दावा था कि कांग्रेस ने उन्हें पार्टी पर थोपा है. वे पार्टी की पसंदीदा सीट नहीं थी.

अखिल गोगोई ने बताया कि इन शर्तों पर सहमति बन गई थी, लेकिन रायजोर दल ढिंग विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ने की इजाजत चाहती थी. हालांकि, कई राउंड की बातचीत के बाद यह मामला सुलझा नहीं. इससे आखिरकार दोनों पार्टियों के बीच डेडलॉक हो गया.
 
कांग्रेस पर अखिल गोगोई ने लगाया धोखे का आरोप

अखिल गोगोई ने कांग्रेस पर धोखे का आरोप लगाया. उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व पर एकतरफा कार्रवाई करने और रायजोर दल को एक गंभीर राजनीतिक साझेदार के तौर पर न मानने का आरोप लगाया. पार्टी ने संभावित सहयोगियों से ठीक से सलाह किए बिना अपने उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार की है. इससे पता चलता है कि कांग्रेस ने सच में एकजुट विपक्षी मोर्चा बनाने के लिए प्रतिबद्ध नहीं थी.

गोगोई ने कहा कि कांग्रेस ने पहले अपनी पहल पर रायजोर पार्टी को डोल गांव विधानसभा सीट ऑफर की थी. बाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसका पुरजोर विरोध किया. कांग्रेस की तरफ से भी विवाद को सुलझाने के लिए गंभीर कोशिश नहीं की गई.

गोगोई ने असम कांग्रेस कमेटी की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने आरोप लगाया कि APCC अध्यक्ष गौरव गोगोई और नेता रकीबुल हुसैन समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के रवैये और व्यवहार ने गठबंधन की बातचीत फेल होने में बड़ी भूमिका निभाई. ऐसे रवैये के साथ एक सम्मानजनक अलायंस बनाना नामुमकिन है. इसलिए रायजोर पार्टी आने वाला चुनाव अकेले लड़ेगी.



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