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ईरान की नेवी पर कहर बनकर टूटा अमेरिका, ट्रंप का दावा- 9 शिप किए तबाह, बचे हुए जहाजों को समंदर में डुबोएंगे


अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद मीडिल ईस्ट जंग का मैदान बन चुका है. सुपीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अब अमेरिका ईरान की नेवी को टारगेट कर रहा है. यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि उनकी सेना ने ईरान के 9 नेवल शिप को नष्ट कर उन्हें डुबो दिया है. उन्होंने बताया कि बहुत जल्द ईरान के बाकी जहाजो को तबाह किया जाएगा.

ईरान का नेवी हेडक्वार्टर हुआ तबाह: ट्रंप

ट्रंप ने सोशल ट्रूथ पर पोस्ट कर कहा, ‘मुझे अभी-अभी सूचना मिली है कि हमने ईरान के 9 नेवल शिप को तबाह कर दिया है और उन्हें डुबो दिया है, जिनमें से कुछ काफी बड़े और महत्वपूर्ण थे. हम बाकी जहाजों की ओर बढ़ रहे हैं और वे भी जल्द ही उन्हें भी समंदर में डुबा देंगे. एक अन्य हमले में हमने उनके (ईरान) नेवी हेडक्वार्टर को लगभग पूरी तरह से नष्ट कर दिया है. इसके अलावा, उनकी नौसेना बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है.’

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA ने इससे पहले IRCG के हवाले से दावा किया गया है कि ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत ईरान की सेना ने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन पर मिसाइल अटैक किया. हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा, ‘लिंकन पर कोई हमला सफल नहीं हुआ. ईरान ने जो मिसाइलें दागीं वो एयरक्राफ्ट कैरियर के करीब भी नहीं पहुंचीं.’

 एक झटके में 48 ईरानी नेता खत्म: ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार (1 मार्च 2026) को दावा किया कि ईरान के खिलाफ जारी ऑपरेशन में अब तक उनके 48 टॉप नेता और सैन्य अधिकारी की मौत चुकी है. फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, ‘हमने एक झटके में ईरान के 48 नेताओं को खत्म कर दिया और अभियान बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है.’ CNBC को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘ईरान के नए नेता बात करना चाहते हैं, जिसकी मैंने सहमति दे दी है. रानी शासन को पहले ही समझौता कर लेना चाहिए था.’

अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद ईरान में सत्ता का संकट

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान अनिश्चितता का दौर छा गया है. अमेरिका के सांसदों और ईरानी अधिकारियों के बयानों से यह स्पष्ट है कि तेहरान की सत्ता संरचना में आगे क्या होगा, इसे लेकर गहरी असमंजस की स्थिति है. अमेरिकी सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के चेयरमैन टॉम कॉटन ने सीएनएन से बातचीत में कहा कि सैन्य अभियान जारी रहेगा. उन्होंने कहा, ‘आने वाले दिनों में अमेरिकी जनता ईरान की मिसाइलों, उनके लॉन्चरों और उनकी मिसाइल निर्माण क्षमता पर व्यवस्थित और सुनियोजित कार्रवाई देखेगी.’

वॉशिंगटन जहां सैन्य दबाव बनाए रखने के संकेत दे रहा है, वहीं तेहरान इन हमलों को अवैध आक्रामकता बता रहा है. इन परस्पर विरोधी बयानों से यह साफ है कि ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया किस दिशा में जाएगी, इस पर अभी गहरा संशय बना हुआ है.





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