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ईरान ने अमेरिका के F-35 को मार गिराया, ट्रंप प्रशासन ने संसद से मांगे 200 बिलियन डॉलर, मिडिल ईस्ट जंग पर बड़े अपडेट्स


पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिका ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के लिए 200 अरब डॉलर की भारी भरकम फंडिंग की मांग की है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि बुरे लोगों को खत्म करने के लिए पैसे की जरूरत होती है. पेंटागन की ओर से यह अनुरोध ऐसे समय पर आया है जब ईरान ने अमेरिकी वायुसेना के एक एफ-35 लड़ाकू विमान को युद्ध के दौरान मार गिराया है. जबकि इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध में सेना के इस्तेमाल पर भी बड़ा बयान दिया है. आइए आपको बताते हैं कि मध्य पूर्व में जारी युद्ध के दौरान बड़े अपडेट्स क्या हैं?

मैं कहीं भी सेना नहीं भेज रहा हूं- ट्रंप

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (19 मार्च, 2026) को ओवल ऑफिस में जापान के पीएम साने ताकाइची से मुलाकात के दौरान स्पष्ट तौर पर कहा कि वह कहीं भी अमेरिकी सेना नहीं भेजेंगे. उन्होंने कहा कि अगर मैं ऐसा करता भी, तो आपको नहीं बताता, लेकिन मैं कहीं अमेरिकी सेना नहीं भेज रहा हूं.  

ईरान ने अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को बनाया निशाना

इजरायल और अमेरिका के साथ जारी युद्ध में ईरान ने अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को अपना निशाना बनाया है. ईरान के हमले के बाद अमेरिकी फाइटर जेट को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि पांचवीं पीढ़ी का यह स्टेल्थ फाइटर जेट ईरान पर एक कॉम्बैट मिशन पर था, तभी मिडिल ईस्ट में इसकी इमरजेंसी लैंडिग करानी पड़ी.

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कार्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि मध्य ईरान के आसमान में एक अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया है. ईरान का कहना है कि हमले के बाद विमान का भविष्य अज्ञात है, लेकिन संभावना है कि वह गिर गया है.

ब्रिटेन-जर्मनी-फ्रांस ने जारी किया साझा बयान

खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर खतरे के दौरान ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, नीदरलैंड्स और जापान ने गुरुवार (19 मार्च, 2026) को कहा कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए सुरक्षित समुद्री रास्ता सुनिश्चित करने की कोशिशों में अपना सहयोग देने के लिए तैयार हैं. छह पश्चिमी सहयोगी देशों के संयुक्त बयान में कहा कि हम उन देशों की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं, जो इस दिशा में काम करने की तैयारी कर रहे हैं.

पेंटागन ने अमेरिकी संसद से मांगे 200 अरब डॉलर

दरअसल, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं, इसी बीच पेंटागन ने अमेरिकी कांग्रेस से 200 अरब डॉलर की फंडिंग की मांग की है. एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में व्हाइट हाउस को भी अनुरोध भेजा गया है.

हालांकि, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गुरुवार (19 मार्च, 2026) को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेंटागन की ओर से मांगी गई राशि की पुष्टि नहीं की, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि पेंटागन ने फंडिंग के लिए अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि बुरे लोगों को खत्म करने के लिए पैसे की जरूरत होती है. हम कांग्रेस के पास जा रहे हैं, ताकि हमारे साथी यह सुनिश्चित कर सके कि हमें पर्याप्त फंडिंग मिले.

ईरान के विदेश मंत्री ने दी धमकी

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिका और इजरायल को धमकी देते हुए कहा कि हमारी बुनियादी ढांचे पर इजरायल के हमले के जवाब में हमने अपनी ताकत का सिर्फ एक छोटे हिस्से का इस्तेमाल किया है. अगर युद्ध के दौरान ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर फिर से हमला हुआ, तो तेहरान किसी भी तरह का संयम नहीं बरतेगा.

यह भी पढ़ेंः ईरान में सेना भेजेगा अमेरिका? मिडिल ईस्ट में जंग के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दी तस्वीर



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