केरलम में 9 अप्रैल को 140 सीटों पर वोटिंग है। यहां LDF और UDF के बीच नेक टू नेक फाइट है। UDF को 70 से 80 और LDF को 60 से 70 सीटें मिल सकती हैं। BJP को 3 से 5 सीटें मिलने के आसार हैं। केरलम में वोटिंग से पहले दैनिक भास्कर ने लोगों, एक्सपर्ट और पॉलिटिक
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ये 4 बातें समझ आईं… 1. पिनराई विजयन 10 साल से CM हैं। उनके खिलाफ एंटी-इनकम्बेंसी है। 2. CPM में CM विजयन के बाद सेकेंड लाइन लीडरशिप की कमी है। कई लीडर BJP-कांग्रेस में शामिल हो गए। कैडर नाराज है। पार्टी लीडर्स का मानना है कि अगर मंत्री रहीं केके शैलजा को कमान मिलती, तो सत्ता में वापसी मुमकिन थी। 3. कांग्रेस CM फेस पर खींचतान में फंसी रही। पार्टी राहुल गांधी के नाम पर चुनाव लड़ रही है और क्रिश्चियन-मुस्लिम के सहारे है। सबरीमाला मुद्दे पर भी सरकार को घेरकर हिंदू वोट बैंक में सेंध लगा रही है। 4. BJP लोकल बॉडी इलेक्शन में जीत के बाद भी 20 से 25 सीटों पर ही फाइट दे रही है। वोट शेयर बढ़ने और सिंगल डिजिट में सीट आने से ज्यादा की उम्मीद नहीं है। तिरुवनंतपुरम, पलक्कड़, कासरगोड और त्रिशूर में पार्टी जीत सकती है।

लोग बोले- CM से खुश नहीं, उन्होंने सिर्फ केंद्र सरकार की स्कीम के नाम बदले कोच्चि में एक चर्च के बाहर मिले जैकब कहते हैं, ‘लोग विजयन सरकार से खुश नहीं हैं, लेकिन कांग्रेस इसका ज्यादा फायदा नहीं उठा पाई। वे आपस में लड़ते रहे।’
एर्नाकुलम के श्रीजेत कहते हैं ‘विजयन ने सिर्फ मोदी की स्कीम्स के नाम बदले हैं और कुछ नहीं किया। यहां हाईवे भी केंद्र सरकार ने बनवाए हैं।‘
46 लाख कुडुंबश्री LDF की सबसे बड़ी ताकत 50 साल की सुनिता तिरुवनंतपुरम में कैंटीन चलाती हैं। वे सरकार की योजना कुडुंबश्री से जुड़ी हैं। इस योजना में राज्य की 46 लाख महिलाएं शामिल हैं और विजयन सरकार की सबसे बड़ी ताकत हैं। सुनिता कहती हैं, ‘इस बार BJP अच्छी फाइट में है। तिरुवनंतपुरम में तीन सीटों पर मजबूत है। हालांकि, कुडुंबश्री की महिलाएं LDF को ही वोट देंगी।‘
तिरुवनंतपुरम के सीनियर जर्नलिस्ट अजय कुमार बताते हैं कि कुडुंबश्री की शुरुआत के बाद ज्यादातर LDF की सरकार रही है। उसने समय-समय पर फंड भी बढ़ाया है। ऐसे में कुडुंबश्री का बड़ा तबका LDF और विजयन सरकार को ही वोट करेगा। ये उनके लिए फायदे का मिशन है।

एक्सपर्ट बोले- BJP का वोट शेयर बढ़ा, इससे CPM को नुकसान सीनियर जर्नलिस्ट बृजेश कुमार कहते हैं, ‘केरलम में किसे-कितनी सीटें मिलेगी, अभी कहना मुश्किल है। यहां वोटर्स आखिरी वक्त में तय करते हैं। UDF और LDF के बीच टफ फाइट है। LDF तीसरी बार सत्ता में लौट सकती है।
वायनाड की सीनियर जर्नलिस्ट नीनू मोहन का कहना है, ‘केरल में पॉलिटिक्स बहुत अलग है। आखिरी 24 घंटे में पिक्चर बदल जाती है। 2021 में यही हुआ था। तब भी UDF की सरकार बन रही थी, इस बार भी हालात कुछ वैसे ही हैं।’
तिरुवंतपुरम में केरल यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर प्रो. जय प्रसाद कहते हैं, ‘BJP के लिए ये चुनाव टेस्ट केस होगा। हर सीट पर 25 से 35% मुस्लिम वोट उसके लिए चैलेंज हैं। इस बार BJP को 22 से 25% वोट शेयर मिलने की उम्मीद है। CPM के 90 से 95% कार्यकर्ता हिंदू हैं। उसे लगता है कि RSS और BJP उसके वोट छीन रही है। क्रिश्चियन कम्युनिटी करीब 18 से 20% है। इनमें BJP का सपोर्ट बढ़ा है।‘
सीनियर जर्नलिस्ट कैलाश बताते हैं, ‘BJP का वोट शेयर नेचुरली बढ़ रहा है। अभी 20% है। पार्टी को सरकार बनाने में कम से कम 10 साल और लगेंगे, लेकिन ये क्रिश्चियन वोट के बिना संभव नहीं है।‘

केरलम में PM नरेंद्र मोदी ने तिरुवल्ला में चुनावी रैली कर दावा किया कि राज्य में बदलाव तय है और LDF सरकार का काउंटडाउन शुरू हो चुका है।
UDF को एंटी-इनकम्बेंसी का फायदा लेकिन बहुमत नहीं सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी रिसर्च के डायरेक्टर डॉ. धनुराज बताते हैं, ‘कई सर्वे बता रहे हैं कि इस बार माइनॉरिटी एकजुट होकर UDF को वोट करने वाली है। पिछले इलेक्शन में ये वोट LDF को मिला था। UDF पहली बार लगातार 10 साल से अपोजिशन में है। लोकल बॉडी इलेक्शन में कांग्रेस के नेतृत्व में उसे जीत मिली। जिन 5 से 7 जिलों में बड़ी जीत हुई, वहां माइनॉरिटी वोट ज्यादा है। 7 जिले हिंदू डॉमिनेंट हैं, वहां LDF और BJP जीती। कम्युनल पॉलिटिक्स की वजह से UDF का बहुमत ला पाना आसान नहीं है।‘

BJP बोली- LDF-UDF लोगों को बेवकूफ बना रहे BJP के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर कहते हैं, ‘राज्य में LDF और UDF दोनों साथ हैं। 27 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों में दोनों साथ राजनीति करते हैं। यहां लोगों को भड़काने और बेवकूफ बनाने का नाटक करते हैं, इसलिए यहां BJP ही विकल्प है।‘
CPM बोली- विजयन फिर मुख्यमंत्री बनेंगे CPM के पूर्व सांसद और सीनियर लीडर सेबिस्टियन पॉल कहते हैं, ‘पिनराई विजयन तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने वाले हैं। परफॉर्मेंस ही एक वजह है। सेकेंड लीडरशिप में पूर्व हेल्थ मिनिस्टर केके शैलजा बड़ा चेहरा हैं।
UDF का दावा- 100 से ज्यादा सीटें जीतेंगे केरलम में विपक्ष के नेता वीडी. सतीशन के मुताबिक, विजयन सरकार के 12 से ज्यादा मंत्री हारने वाले हैं। वे दावा करते हैं कि UDF को 100 से ज्यादा सीटें मिलेंगी।

……………… केरलम चुनाव पर ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़िए
1. 46 लाख कुडुंबश्री दीदियां लेफ्ट की वोटर, कैसे सेंध लगाएगी BJP

केरलम सरकार की कुडुंबश्री योजना से 46 लाख से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हैं, यानी राज्य के हर दूसरे घर में एक कुडुंबश्री मेंबर है। ये महिलाएं बिजनेस तो चलाती ही हैं, साथ में चुनाव लड़ती भी हैं और हार-जीत तय भी करती हैं। 2021 में चुनाव जीतने वाले गठबंधन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी LDF को 48% महिलाओं ने वोट दिए थे। BJP इनमें सेंधमारी की कोशिश कर रही है। पढ़िए पूरी खबर…
2. केरलम CM की बेटी की मुस्लिम से शादी चुनावी मुद्दा, 5000 लड़कियों के कन्वर्जन का दावा

केरलम चुनाव में फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ मुद्दा है, लेकिन लोग और नेता इस पर बंटे हैं। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इसे BJP की प्रोपेगैंडा फिल्म बताते हुए बैन कर दिया। BJP विजयन की बेटी की मुस्लिम से शादी का मुद्दा उठाती रहती है। धर्म परिवर्तन के दावे करने वाले संगठनों का कहना है कि किरदार और किस्से अलग हो सकते हैं, लेकिन ऐसी कहानियां यहां भरी पड़ी हैं। यहां 5 हजार से ज्यादा लड़कियों को धर्म परिवर्तन किया गया है। पढ़िए पूरी खबर…


