ईरान के खुफिया समुदाय के लोगों ने चुपचाप वॉशिंगटन और इजरायल से बातचीत का संकेत दिया है. यह दावा न्यूयॉर्क टाइम्स ने बुधवार को एक रिपोर्ट में किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के कुछ प्रमुख लोगों ने युद्ध के अंत करने पर चर्चा को लेकर अमेरिकी खुफिया अधिकारियों से अप्रत्यक्ष संपर्क की मांग की है. वहीं, ईरान ने रिपोर्ट के दावों से इनकार किया है.
तस्नीम न्यूज एजेंसी ने ईरान के खुफिया मंत्रालय के एक सूत्र के हवाले से कहा है कि ईरान के खुफिया मंत्रालय के लोगों ने युद्ध समाप्त करने के लिए सीआईए के साथ बातचीत में शामिल होने की तैयारी के संकेत दिए हैं. यह प्रस्ताव युद्ध शुरू होने के एक दिन बाद आया है.
ईरान ने बताया संप्रुभता पर हमला
फिलहाल इस मामले में अभी तक और अधिक जानकारी नहीं है. इस पर व्हाइट हाउस और न ही सीआईए की तरफ से कुछ कहा गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरानी अधिकारियों ने भी इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं कहा है. इसके अलावा सीआईए ने दावों पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है. ईरान ने इस हमले को देश की संप्रुभता पर हमला बताया है. जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने हमले के कुछ दिनों बाद अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार कर दिया.
इधर अमेरिका भी ईरानी खुफिया लोगों के दृष्टीकोण पर विश्वास नहीं कर रहा है. खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने भी मंगलवार को किसी भी तरह की बातचीत से इनकार कर दिया है. तब ट्रंप ने कहा था कि बातचीत के लिए अब बहुत देर हो चुकी है. ट्रंप ने कहा है कि कई ईरानी अधिकारियों की मौत से स्थिति ओर बिगड़ गई है. इन्हें अमेरिका ने मुख्य वार्ताकार माना था. ट्रंप ने कहा है कि जिन लोगों के बारे में हम सोचते थे, उनमें से अधिकांश मर चुके हैं. बहुत जल्द हम किसी को नहीं जानने वाले हैं. इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के मौत हो चुकी है. वह उत्तराधिकारी का चयन करने के लिए बैठक कर रहे थे.
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