अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध की आग इन्हीं देशों तक ही नहीं सीमित है बल्कि पूरा मिडिल ईस्ट इसकी आग में जल रहा है. भारत भी इन हालातों पर नजर बनाए हुए है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (3 मार्च) को दोपहर में खाड़ी क्षेत्र के दो बड़े नेताओं से बातचीत की है और वहां हुए हमले और भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चर्चा की.
प्रधानमंत्री मोदी ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से फोन पर बातचीत की. इसके अलावा, कुवैत के युवराज शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से भी बातचीत की. इस दौरान पीएम मोदी ने इन देशों में हुए हमलों को लेकर चिंता जताई और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर चर्चा की.
PM Modi spoke to two important leaders from the Gulf region this afternoon. He had a phone call with Sultan of Oman, Sultan Haitham bin Tarik. He also had a conversation with Crown Prince of Kuwait, Sheikh Sabah Al-Khaled Al-Hamad Al-Mubarak Al-Sabah.
During both discussions,… pic.twitter.com/c0EWhMofLc
— ANI (@ANI) March 3, 2026
विदेश मंत्रालय का भी आया बयान
वहीं, पश्चिमी एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान सामने आया है. प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में साफ किया गया है कि भारत संवाद और कूटनीति से समाधान को दोहराता है. भारत संघर्ष के जल्द से जल्द खत्म होने के लिए आवाज उठा रहे हैं. इसमें कई जानें जा चुकी हैं,जिसको लेकर भारत ने गहरा दुख जताया है.
‘भारतीयों की सुरक्षा प्राथमिकता’
मंत्रालय की ओर से आगे कहा गया कि रमजान के पवित्र महीने में, क्षेत्र में स्थिति लगातार और काफी बिगड़ गई है. खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या 1 करोड़ से भी ज्यादा है. जिनकी सुरक्षा की चिंता भारत की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है.साथ ही कहा गया कि देश के व्यापार और ऊर्जा की सप्लाई चेन भी इसी इलाके से होकर गुजरती है. ऐसे में किसी भी बड़े व्यवधान से भारत की अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ेगा. भारत की ओर से व्यापारिक जहाजों पर हमले का कड़ा विरोध जताया गया. यह भी जोड़ा गया कि हाल में कई ऐसे अटैक में भारतीय नागरिक जान गंवा चुके हैं या लापता हैं.


