अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के बीच दुनिया के दो सुपरपॉवर देशों के शीर्ष नेताओं ने फोन पर एक-दूसरे से बात की है. जी हां… ये दोनों सुपरपॉवर देशों के नेता अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हैं. दोनों नेताओं ने पिछले हफ्ते ही एक-दूसरे से फोन पर बातचीत की है. इस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कथित तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक प्रस्ताव दिया, जिसमें ईरान के इनरिच्ड यूरेनियम को रूस में स्थानांतरित करने की बात कही गई थी. हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस के इस प्रस्ताव को सिरे से नकार दिया है.
एक्सियोज की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस की ओर से यह प्रस्ताव अमेरिका-इजरायल और तेहरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने की कोशिशों के तहत दिया गया था. पुतिन ने ट्रंप को सुझाव दिया था कि ईरान के समृद्ध यूरेनियम को रूस भेज दिया जाए.
रूस की भूमिका पर ट्रंप की टिप्पणी
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दौरान यह भी संकेत दिया कि रूस ईरान को सीमित स्तर पर मदद दे सकता है. उन्होंने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मुझे लगता है कि वह (पुतिन) शायद उन्हीं थोड़ी मदद कर रहे हों और वह शायद यह भी सोचते होंगे कि हम यूक्रेन की मदद कर रहे हैं. तो हां, हम भी उनकी मदद कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि वैश्विक राजनीति में ऐसी स्थितियां आम होती है. देश अक्सर अपने-अपने हितों के मुताबिक कदम उठाते हैं. वे कहते हैं और चीन भी बिल्कुल यही बात कहेगा कि देखो, वे भी कर रहे है, तो हम भी कर रहे हैं. यह पूरी तरह से जायज है.
अमेरिकी अधिकारियों के अलग-अलग बयान
ट्रंप की यह टिप्पणी उनके मध्य-पूर्व के दूत स्टीव विटकॉफ के पहले दिए गए बयान से अलग दिखाई देती है. विटकॉफ ने कहा था कि रूस ने अमेरिका के साथ बातचीत में यह स्पष्ट किया है कि वह ईरान को कोई खुफिया जानकारी साझा नहीं कर रहा है.
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