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तरुण मर्डर केस-खून की होली की धमकी,शांति से मनी ईद:प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने खदेड़ा, चाचा बोले-हमारा बेटा गया, किसी और का न जाए




दिल्ली के उत्तम नगर में होली वाले दिन 26 साल के तरुण का मर्डर हो गया। आरोपी मुस्लिम समुदाय से हैं। हिंदू रक्षा दल नाम के संगठन ने धमकी दी कि हमारे घर में होली नहीं मनी, तो इनके घर में ईद नहीं मनने देंगे। इन धमकियों के बीच आज ईद शांति से मनी है। उत्तम नगर में बीते 15 दिन से तनाव के बीच ईद को देखते हुए इलाके में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। इस दौरान उत्तम नगर में प्रदर्शन करने आए हिंदू संगठन के लोगों को पुलिस ने खदेड़ दिया। दैनिक भास्कर की टीम यहां पहुंची और लोगों से बात की। उनसे पूछा कि वे इस तनाव भरे माहौल में कैसे रह रहे हैं और उन पर इसका क्या असर पड़ रहा है। गलियों में बैरिकेडिंग, जगह–जगह पुलिस का पहरा उत्तम नगर की जेजे कॉलोनी में घुसते ही पुलिस और बैरिकेडिंग नजर आने लगती है। अंदर की तरफ पुलिस की सख्ती बढ़ती जाती है। जिस गली में तरुण की हत्या हुई, वहां और उसके आसपास की गलियों में वीडियो रिकॉर्ड करने पर सख्त मनाही है। 20 मार्च की शाम से यहां पुलिस फोर्स की तैनाती बढ़ा दी गई। हिंसा वाली जगह मीडिया को जाने की इजाजत नहीं है‌। हम बैरिकेडिंग क्रॉस करते हुए तरुण के घर तक पहुंचे। वहां तरुण के पिता, चाचा और कुछ रिश्तेदार बैठे थे। पिता और चाचा कैमरे पर नहीं आए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कैमरे पर इंटरव्यू देने से मना किया है। तरुण के चाचा बोले- किसी से झगड़ा नहीं
हालांकि चाचा टेकचंद बोले कि आप मेरी बात लिख सकते हैं। इलाके के माहौल पर टेकचंद ने कहा कि हम नहीं चाहते यहां तनाव हो, किसी बेगुनाह को सजा मिले। हमारी ऐसी सोच नहीं है। तरुण के मर्डर में जो लोग शामिल थे, हमने उन्हीं का नाम लिखवाया। उसके कातिल बचने नहीं चाहिए। आरोपियों के परिवार से हमारा कोई झगड़ा नहीं था। हिंदू संगठनों के बयानों पर टेकचंद कहते हैं, ‘हम इन चीजों के पक्ष में नहीं हैं। सिर्फ सोशल मीडिया पर देखा है। इधर तो किसी को आने ही नहीं दिया जा रहा है।’ लोग बोले- यहां सिख दंगों के वक्त भी माहौल खराब नहीं हुआ
पुलिस की सख्ती की वजह से ज्यादातर लोग कैमरे पर आने से बच रहे हैं। हमने हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों से बात की। प्रॉपर्टी का काम करने वाले वरुण चौधरी का मानना है कि इस मसले पर हर आदमी अपनी राजनीति चमका रहा है। ईद से पहले तनाव पर वरुण कहते हैं, ‘ऐसा कुछ नहीं है। कोई संगठन कुछ बोल भी रहा है, तो उसका असर यहां नहीं है। यहां पहले कभी इस तरह का माहौल नहीं रहा। 1984 में सिख विरोधी दंगों में भी नहीं। सोशल मीडिया पर गुमराह किया जा रहा है। हर आदमी को अपना त्योहार मनाने का हक है। कोई घटना होती है, तो उसके लिए हर किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। मैं भी हिंदू हूं, जो हुआ उसके लिए सबको मिल-बैठकर प्रशासन के साथ मीटिंग करनी चाहिए थी।’ वरुण आगे कहते हैं, ‘मैं खुद ईद मनाने जाऊंगा। जो कह रहे हैं कि खून की होली खेलेंगे, वे बेवकूफों जैसी बातें कर रहे हैं।’ सब्जी की दुकान चलाने वाले कल्लू कहते हैं कि बिना मतलब इस मुद्दे को तूल दिया जा रहा है। हमारा त्योहार आता है, वे (मुस्लिम) मनाते हैं। उनका त्योहार आता है, हम भी मनाते हैं। हम क्यों आपस में लड़ेंगे। ईद पर मुसलमान हमारे पास आएंगे। हम भी उनके पास जाएंगे। मैं हर साल ईद मनाता हूं। यहां पुलिस की तैनाती से कोई फायदा नहीं हो रहा है। सारी दुकानें बंद हैं। मुस्लिम बोले- मस्जिद के सामने होली खेलते हैं, कोई दिक्कत नहीं
मोहम्मद ताजिम कासमी बड़ी मस्जिद के सामने बेटे के साथ बैठे मिले। वे मस्जिद के इमाम भी हैं। कासमी कहते हैं कि यहां सारी गलियों में हिंदू और मुसलमान रहते हैं। पड़ोसियों के झगड़ों को बाहर के लोगों ने बड़ा बना दिया। वे माहौल बिगाड़ रहे हैं। झगड़े में दोनों तरफ के लोगों को चोटें आई थीं। बाहर के लोगों ने उकसाने की खूब कोशिश की, लेकिन यहां कोई उकसावे में नहीं आया। कासमी बताते हैं, ‘हमने डीसीपी से बात की थी। उन्होंने कहा कि ईद मनाइए, सुरक्षा का इंतजाम होगा। हमारे हिंदू भाई भी यहां मस्जिद के सामने होली खेलते हैं। अफवाहें उड़ रही हैं कि ईद की नमाज नहीं होगी। ऐसा कुछ नहीं है। यहां शांति के साथ ईद मनाई जाएगी।’ कपड़े की दुकान लगाने वाले मोहम्मद महताब भी कहते हैं कि पिछले 50 साल में इलाके में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। मैं घर-घर जाकर कपड़े बेचता हूं। बाहर के कुछ लोग चाहते हैं कि बवाल हो जाए और हम आपस में लड़ें। ऐसा कुछ नहीं होने वाला है।’ 25 हजार आबादी में करीब 30% आबादी मुस्लिम
जेजे कॉलोनी में करीब 2600 मकान है। आबादी करीब 25 हजार। ज्यादातर मकानों में किराएदार हैं। ये इलाका तीन सेक्टरों में बंटा है। स्थानीय वार्ड पार्षद साहिब कुमार आसीवाल बताते हैं कि इलाके में करीब 30% मुस्लिम आबादी है। साहिब कुमार कहते हैं, हम यही उम्मीद करते हैं कि माहौल शांत रहे। किसी की भाषा पर कोई नियंत्रण नहीं रख सकता है। मैं इतना जानता हूं कि यहां के लोगों में ऐसा कुछ नहीं है। बीच में बैरिकेडिंग कम हुई थी, इसके बावजूद कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। रंग के विवाद में हत्या, हिंदू संगठनों की धमकी
कॉलोनी की एक संकरी गली में तरुण का 4 मंजिला मकान हैं। होली वाले द‍िन तरुण के परिवार और उनके पड़ोसियों के बीच रात करीब 10:30 बजे झगड़ा हुआ था। आरोप है कि एक बच्ची ने बालकनी से पानी भरा गुब्बारा फेंका, जो एक मुस्लिम महिला को लगा। इसी बात पर दोनों परिवार आमने-सामने आ गए। इसी दौरान आरोपियों ने तरुण पर हमला कर दिया। इलाज के दौरान अगले दिन तरुण की मौत हो गई। इसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। दिल्ली नगर निगम ने आरोपियों के घर के एक हिस्से पर बुलडोजर चला दिया। हिंदूवादी संगठनों की बयानबाजी से स्थिति और बिगड़ गई। ये संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। 15 मार्च को ‘सर्व हिंदू समाज’ नाम के संगठन ने उत्तम नगर के अयप्पा पार्क में बड़ा प्रदर्शन किया था। हिंदू रक्षा दल की तरफ से लगातार सांप्रदायिक बयान दिए जा रहे हैं। संगठन के उत्तराखंड अध्यक्ष ललित शर्मा ने ही खून की होली खेलने की धमकी दी थी। 20 मार्च को संगठन के सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट की गई। इसमें संगठन के राष्ट्रीय संयोजक संकेत कटारा कह रहे हैं, ‘होली के दिन हमारे भाई को जान से मार दिया और हम बिल्कुल चुप बैठे रहें। ललित शर्मा ने बिल्कुल सही कहा था कि जिन लोगों ने तरुण को मारा है, हम उन्हें ईद नहीं मनाने देंगे।’ पुलिस ने तरुण की हत्या के आरोप में 16 लोगों को पकड़ा था। इसमें दो नाबालिग भी हैं। तरुण के परिवार के वकील अमित चौहान ने बताया कि शिकायत में 22 लोगों का नाम दिया था। हमने पुलिस को आवेदन दिया है कि ईद वाले दिन घर के सामने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। ईदगाह तरुण के घर से कुछ ही दूर है। वहां बड़ी संख्या में लोग नमाज पढ़ने जाएंगे। 20 मार्च की शाम दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अफवाहें, अपुष्ट सामग्री या भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें। ईद को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करने के मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी। हमने इस विवाद पर द्वारका के डीसीपी कुशल पाल सिंह से भी संपर्क किया। उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।



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