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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बड़ा फैसला, बाइक-ऑटो बैन, नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना


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  • दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर छोटे वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित.
  • सुरक्षा और ट्रैफिक जाम से बचने हेतु लिया गया निर्णय.
  • नियम तोड़ने पर 20,000 रुपये तक जुर्माना.
  • दुर्घटनाओं को देखते हुए गति सीमा घटाने पर भी विचार.

दिल्ली से देहरादून को जोड़ने वाले हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए अहम बदलाव लागू कर दिया गया है. गीता कॉलोनी से बागपत (खेकड़ा) तक बने एलिवेटेड सेक्शन पर अब मोटरसाइकिल, ऑटो-रिक्शा, ट्रैक्टर और गैर-मोटर चालित वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है. यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और तेज रफ्तार ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है.

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने साफ किया है कि यह एक्सप्रेसवे तेज रफ्तार वाहनों के लिए डिजाइन किया गया है. ऐसे में धीमी गति वाले वाहन न सिर्फ ट्रैफिक फ्लो को प्रभावित करते हैं, बल्कि गंभीर हादसों का कारण भी बन सकते हैं. अधिकारियों के अनुसार इसी जोखिम को कम करने के लिए यह सख्त फैसला लिया गया है और आगे के हिस्सों में भी इसे लागू करने की योजना है.

गीता कॉलोनी से शुरू होता है एलिवेटेड सेक्शन

करीब 210 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत अक्षरधाम के पास से होती है. गीता कॉलोनी से इसका एलिवेटेड हिस्सा शुरू होकर शास्त्री पार्क, न्यू उस्मानपुर, खजूरी चौक, लोनी बॉर्डर और मंडोला होते हुए बागपत तक जाता है. लगभग 26 किलोमीटर लंबे इस हिस्से में अब केवल तेज रफ्तार वाहनों को ही अनुमति मिलेगी. यह निर्णय संबंधित कानून के तहत लिया गया है, जिसमें प्राधिकरण को जरूरत के अनुसार वाहनों पर रोक लगाने का अधिकार है.

उल्लंघन पर भारी जुर्माने का प्रावधान

नए नियम लागू होने के बाद यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित वाहन लेकर इस मार्ग पर चलता पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ट्रैफिक नियमों के तहत ऐसे मामलों में भारी जुर्माना लगाया जा सकता है, जो 20 हजार रुपये तक पहुंच सकता है. पुलिस ने भी इसे लेकर सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं.

लगातार हादसों ने बढ़ाई चिंता

इस फैसले के पीछे दुर्घटनाओं का बढ़ता ग्राफ भी एक बड़ी वजह रहा है. पिछले साल अगस्त में स्टंट के दौरान दो बाइक सवारों की जान चली गई थी. इसके बाद दिसंबर में ट्रायल के शुरुआती दिन ही एक और बाइक हादसा सामने आया. इन घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे.

गति सीमा घटाने पर भी विचार जारी

हालांकि एक्सप्रेसवे को 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार के हिसाब से तैयार किया गया है, लेकिन दिल्ली क्षेत्र में इसे कम करने पर चर्चा चल रही है. ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर गति सीमा 70 किलोमीटर प्रति घंटा करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि शहरी हिस्सों में सुरक्षा और बेहतर हो सके.



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