- सरकार ने विपक्षी आरोपों को खारिज कर सहमति पर जोर दिया।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन को पास कराने के लिए सरकार ने गुरुवार से शनिवार (16-18 अप्रैल, 2026) तक संसद सत्र बुलाया है, लेकिन इस पूरे मामले पर राजनीति तेज हो गई है. पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों के सांसदों को पत्र लिखकर बिल पर समर्थन देने की अपील की. उसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस पूरे मामले पर जल्दबाजी करने और चुनाव में फायदा उठाने के आरोप लगाया. अब केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखकर उनके आरोपों को खारिज किया है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को किरेन रिजिजू ने लिखा पत्र
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के शीघ्र क्रियान्वयन को लेकर व्यापक सहमति बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों की जानकारी दी है. अपने पत्र में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि साल 2023 में संसद के दोनों सदनों की ओर से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षा का परिणाम है और यह महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में उनका उचित स्थान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर अब आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो 2029 के चुनावों से पहले महिला आरक्षण लागू करने में देरी हो सकती है. इसलिए वर्तमान समय इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए सबसे उपयुक्त और तार्किक है.
केंद्रीय मंत्री ने खरगे के आरोपों को किया खारिज
किरेन रिजिजू ने विपक्ष की ओर से परामर्श न किए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि 16 मार्च, 2026 से ही विभिन्न दलों के साथ संवाद शुरू किया गया था. बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे पर व्यक्तिगत स्तर पर भी चर्चा की गई थी और 26 मार्च को इस संबंध में विस्तृत उत्तर भी दिया गया था. सरकार की तरफ से सर्वसम्मति बनाने के उद्देश्य से विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ कई दौर की बैठकों और संवाद का आयोजन किया गया है, इनमें समाजवादी पार्टी, डीएमके, टीएमसी सहित एनडीए और गैर-एनडीए दलों के कई नेता शामिल रहे हैं. पिछले पखवाड़े में भी कई दलों के नेताओं से विस्तृत बातचीत की गई, जिनमें से कई ने समर्थन जताया है, जबकि कुछ ने अपने दलों से परामर्श के लिए समय मांगा है.
रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष से की अपील
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राज्यसभा राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है और विधेयक पर चर्चा के दौरान सभी राज्यों की आकांक्षाओं को अभिव्यक्ति का पूरा अवसर मिलेगा. अपने पत्र में रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष से इस ऐतिहासिक विधेयक के पारित होने और देशभर की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए समर्थन देने का आग्रह किया.
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