Iran US Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे के भीतर हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का अल्टीमेटम दिया, लेकिन तेहरान ने इस चेतावनी को सिरे से खारिज कर दिया. ईरान ने साफ कहा है कि वह किसी दबाव में झुकने वाला नहीं है और इस तरह की धमकियों का जवाब देगा.
अमेरिका की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और इजरायल, ईरान पर दबाव बढ़ा रहे हैं. यह संघर्ष फरवरी के अंत में संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुआ था. इजरायली अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वे ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें वॉशिंगटन की मंजूरी का इंतजार है.
जंग के बीच बढ़ता खतरा
अमेरिकी और ईरानी सेनाएं दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों के गिराए जाने के बाद एक लापता अमेरिकी क्रू मेंबर की तलाश कर रही हैं. यह स्थिति दिखाती है कि जंग में खतरा लगातार बढ़ रहा है, भले ही अमेरिका हवाई बढ़त का दावा कर रहा हो.
हॉर्मुज जलडमरूमध्य बना चिंता का कारण
ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को काफी हद तक बंद कर दिया है, जो दुनिया के लिए तेल आपूर्ति का एक अहम रास्ता है. इसके चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है. इस बीच, संघर्ष और फैल गया है. ईरान, इजरायल और उनके सहयोगी समूहों के बीच ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरें सामने आ रही हैं.
’48 घंटे में फैसला करो’
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान या तो समझौता करे या 48 घंटे के भीतर हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोल दे. उन्होंने चेतावनी दी, “समय खत्म हो रहा है, 48 घंटे में उन पर कहर बरपेगा.” हालांकि, ट्रंप के बयान लगातार बदलते रहे हैं. कभी वह बातचीत की संभावना की बात करते हैं, तो कभी सैन्य कार्रवाई की धमकी देते हैं. इससे पहले उन्होंने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले को रोक दिया था, यह कहते हुए कि बातचीत जारी है.
‘नर्वस और बेवकूफी भरा बयान’
ईरान ने ट्रंप के अल्टीमेटम को सख्ती से खारिज किया. खात्म अल-अनबिया मुख्यालय के एक वरिष्ठ कमांडर ने ट्रंप के बयान को “लाचार, नर्वस, असंतुलित और बेवकूफी भरा” बताया. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि तेहरान सिद्धांत रूप में मध्यस्थता के जरिए बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी समझौते के लिए “गैरकानूनी जंग” को खत्म करना जरूरी होगा.
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में फैल सकता है. उसने परमाणु ठिकानों के आसपास हमलों को लेकर भी चिंता जताई है, खासकर बुशेहर के पास संभावित रेडिएशन रिसाव को लेकर. ईरान ने दावा किया है कि उसने नए एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं और अमेरिकी विमानों को मार गिराया है. साथ ही वह इजरायल और अन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हुए है.


