HomeBollywoodमिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के...

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता, बेटी के साथ सुरक्षित लौटीं भारत, सुनाई आपबीती

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध के बीच कई भारतीय भी दुबई में फंस गए हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स लारा दत्ता भी अपनी 14 साल की बेटी सायरा के साथ यूएई में फंस गई थीं। 

 

लारा दत्ता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके दुंबई के हालात भी दिखाए थे। अब राहत की खबर यह है कि लारा दत्ता सुरक्षित रूप से भारत लौट आई हैं। एक्ट्रेस ने बताया कि वह किस तरह भारत वापस आने में कामयाब रहीं। साथ ही उन्होंने खुलासा किया कि वह दुबई क्यों गई थीं। 


बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 
 

हिंदुस्तान टाइम्स संग बात करते हुए लारा दत्ता ने बताया कि वह अपनी बेटी सायरा की टेनिस कोचिंग के लिए दुबई गई थीं। जब युद्ध छिड़ा, तब वो और सायरा अकेले थे, जबकि उनके पति महेश भूपति काम के सिलसिले में लंदन गए ते। अचानक बिगड़े हालातों ने उनकी इस प्रोफेशनल यात्रा को एक खौफनाक अनुभव में बदल दिया।

 

लारा दत्ता ने बताया कि वह और उनकी बेटी जेबेल अली पोर्ट के करीब रुके हुए थे। सैन्य दृष्टि से यह इलाका काफी संवेदनशील माना जाता है। लारा के मुताबिक, आसपास के इलाकों में बमबारी और मिसाइल हमलों की खबरें लगातार आ रही थीं, जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था। आसमान में गूंजते लड़ाकू विमानों और सायरन की आवाजों ने सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी थी।

 

दुबई के मुख्य हवाई अड्डों पर बढ़ती भीड़ और अनिश्चितता को देखते हुए लारा ने एक साहसी फैसला लिया। उन्होंने दुबई के बजाय फुजैराह से भारत की फ्लाइट पकड़ने का निर्णय लिया। यह सफर आसान नहीं था। लारा को अपनी बेटी के साथ कार से करीब दो घंटे का सफर तय करना पड़ा।

 

तनाव की बात यह थी कि ठीक एक दिन पहले ही फुजैराह एयरपोर्ट और पास की एक तेल रिफाइनरी पर हमले की खबरें आई थीं। ऐसे में सड़क मार्ग से वहां पहुंचना और फ्लाइट का इंतजार करना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। लारा ने बताया कि वह पूरे रास्ते सिर्फ अपनी बेटी की सुरक्षा की प्रार्थना कर रही थीं।

 

खतरनाक माहौल के बावजूद, लारा दत्ता ने यूएई सरकार और वहां के प्रशासन की तारीफ की है। उन्होंने बताया कि संकट की इस घड़ी में भी प्रशासन बेहद सक्रिय था। नागरिकों और पर्यटकों को लगातार मोबाइल पर अलर्ट भेजे जा रहे थे और घरों के अंदर रहने की सख्त हिदायत दी गई थी। सुरक्षा प्रोटोकॉल इतने मजबूत थे कि लोगों को घबराने के बजाय सतर्क रहने में मदद मिली।

Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments