
2025 की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल ‘सैयारा’ ने एक नई स्टार को जन्म दिया, अनीत पड्डा। स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी में एक अजीब-सी नाजुकता थी, लेकिन उसी के भीतर एक शांत ताकत भी नजर आती थी। अब फेमिना के नए अंक में कवर गर्ल बनीं अनीत ने पहली बार उस दौर पर खुलकर बात की है, जब उनका जीवन अचानक “एक आम लड़की” से “लाखों की नजरों में रहने वाली स्टार” बन गया।
अनीत के लिए ‘सैयारा’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि पहचान बदल देने वाला मोड़ था। अमृतसर से निकली एक लड़की, जो अपने सपनों के साथ आगे बढ़ रही थी, अचानक उस दुनिया में पहुंच गई, जहां हर कदम पर कैमरा है, हर बात पर राय है और हर चेहरे के पीछे एक जजमेंट।
यशराज फिल्म्स का कॉल आया तो यकीन ही नहीं हुआ
फेमिना की कवर स्टोरी में अनीत ने बताया कि जब उन्हें यश राज फिल्म्स की तरफ से पहली बार कॉल आया, तो वह खुद को खुश होने तक का मौका नहीं दे पाईं। उन्होंने कहा, “मैंने रिएक्ट नहीं किया, मुझे लगा जब तक कोई पक्का ना कह दे, तब तक ये मेरा नहीं है।”
लेकिन जब खबर पक्की हुई, तो सबसे ज्यादा याद उन्हें अपने पिता की प्रतिक्रिया रही। अनीत कहती हैं, “मैंने अपने डैड को पहले कभी ऐसा नहीं देखा, वो बस मुझे देख रहे थे जैसे पूछ रहे हों, क्या सच में ये हो गया?”
और शायद यही वो पल था, जब अनीत और उनका परिवार समझ गया कि अब जिंदगी पहले जैसी नहीं रहेगी।
अहान पांडे के साथ ‘लव’ वाला वादा
अनीत ने अपने को-स्टार अहान पांडे के साथ बॉन्ड को भी खास बताया। उन्होंने कहा कि शूटिंग के दौरान वे दोनों बार-बार एक ही बात दोहराते थे- “चलो दुनिया को उस तरह का प्यार याद दिलाते हैं, जिसे लोग भूल चुके हैं। चलो इसे प्यार के लिए करते हैं।” यही वजह रही कि ‘सैयारा’ में इमोशन और मासूमियत दर्शकों को छू गई।
स्टारडम का सबसे बड़ा झटका: लोगों की राय
लेकिन ‘सैयारा’ की सफलता के बाद जो सबसे बड़ा झटका अनीत को लगा, वो था—लोगों की राय का तूफान। अनीत ने स्वीकार किया, “इमोशनली ये बहुत मुश्किल था, इतने सारे लोग आपके बारे में ओपिनियन बनाने लगते हैं।”
उन्होंने कहा कि उन्हें धीरे-धीरे यह सीखना पड़ा कि उन कहानियों से खुद को अलग कैसे किया जाए, जिन्हें वह कंट्रोल नहीं कर सकतीं। “क्योंकि मैं जानती हूं कि मैं कौन हूं,” अनीत ने कहा।
अब आगे अनीत क्या करना चाहती हैं?
अनीत ने साफ किया कि अब वह वही काम चुनेंगी जिसमें “दिल” हो। उनके शब्दों में, “जो भी मैं आगे करूंगी, उसमें कुछ जादुई होना चाहिए, जो मुझे मेरे अंदर का ऐसा हिस्सा दिखा दे, जिससे मैं अभी तक नहीं मिली।”
फेमिना की यह कवर स्टोरी एक स्टार की नहीं बल्कि एक इंसान की कहानी है, जो फेम की रोशनी में खड़ा होकर भी खुद को बचाए रखने की कोशिश कर रहा है।


