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सहयोगियों का छूटा साथ, घर में विरोध और कमजोर समझने की भूल… ईरान वॉर में कूदे ट्रंप से हुई ये 4 बड़ी चूक


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Middle East Tensions: ईरान के साथ अमेरिका और इजरायली के युद्ध को शुरू हुए करीब पांच हफ्ते हो चुके हैं, लेकिन मिडिल ईस्ट में यह संघर्ष और तनाव खत्म होने के फिलहाल कोई आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए पहले ही ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई करने की धमकी दे चुके हैं, लेकिन इस बीच अमेरिका के कई सहयोगी देशों ने ईरान से युद्ध करने से इनकार कर दिया है. इन देशों में ब्रिटेन, जर्मनी, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया और अब इटली भी शामिल हो गई है.

ऐसे में ईरान के साथ जारी युद्ध में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अकेले पड़ते जा रहे हैं. हालांकि, ईरान पर हमले को लेकर राष्ट्रपति खुद ही काफी कंफ्यूज नजर आ रहे हैं. वे कभी कहते हैं कि हमारा मकसद ईरान के तेल पर हमला करना है तो यूरेनियम पर. इस युद्ध को लेकर अमेरिका में आंतरिक विरोध भी जारी है. ट्रंप ने ईरान पर इतना बड़ा हमला करने से पहले अपने देश को भरोसे में नहीं लिया था और बिना सोचे समझे हमला कर दिया. जिन्हें उनकी बहुत बड़ी गलती कही जा रही है. 

ट्रंप का आकलन- स्ट्रेट को खोलने के मिशन से लंबा चलेगा युद्ध

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी प्रशासनिक अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट किया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों से कहा है कि वे ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को खत्म करने के लिए तैयार है, भले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लंबे समय तक बंद ही क्यों न रहे. ट्रंप का यह बयान उस धमकी के एक दिन बाद आया है, जिसमें ट्रंप ने ईरान से कहा था अगर तेहरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही की अनुमति नहीं देता है तो अमेरिका उसके पॉवर प्लांट्स और तेल के कुएं को तबाह कर देगा.

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि दुनिया के करीब पांचवें हिस्से की तेल आपूर्ति ले जाने वाले इस बेहद महत्वपूर्ण रास्ते को फिर से खोलने के कॉम्प्लेस ऑपरेशन को वे आगे के समय के लिए छोड़ देंगे. उनका आकलन है कि इस रास्ते को जबरन खोलने का मिशन इस युद्ध को उनके 4 से 6 हफ्तों के तय समय से आगे बढ़ा देगा.

ईरान युद्ध में ब्रिटेन ने पीछे खींचे हाथ

ईरान के साथ जारी युद्ध में ब्रिटेन के न शामिल होने के फैसले ने US और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया है. ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने युद्ध में अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल और ब्रिटिश सेना भेजने से इनकार करते हुए कहा कि यह हमारी लड़ाई नहीं है. हम इसमें शामिल नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि UK स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की अपनी कोशिशों को जारी रखेगा, लेकिन हम लड़ाई में घसीटे नहीं जाएंगे.

स्पेन ने भी अमेरिका को दिया झटका

ब्रिटेन से पहले स्पेन ने अमेरिका को ईरान के साथ युद्ध में शामिल विमानों को अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल करने से बैन कर दिया है. स्पेन ने अमेरिका को लड़ाई या रीफ्यलिंग के लिए अपने रोटा और मोरोन बेस के इस्तेमान को रोक दिया है.

इटली ने अमेरिकी बॉम्बर्स को उतरने की नहीं दी अनुमति

इटली के डेली कोरिएरे डेला सेरा की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने अपनी पहचान गुप्त रखते हुए बताया कि कुछ अमेरिकी बॉम्बर्स मिडिल ईस्ट जाने से पहले पूर्वी सिसिली स्थित एक बेस पर उतरने वाले थे, जिसके लिए इटली ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है. अधिकारी ने कहा कि इटली ने अनुमति देने से इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि US ने औपचारिक अनुमति नहीं मांगी थी और इटली के सैन्य नेतृत्व से इसे लेकर चर्चा भी नहीं की थी, जैसे कि दोनों देशों के बीच हुई संधि के तहत जरूरी है. 

यह भी पढ़ेंः Iran-US War: जंग में कमजोर पड़ गया ईरान? नेताओं को सता रहा ये डर, न फोन उठा रहे, न आमने-सामने हो रही मीटिंग



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