सीकर जिले के नीमकाथाना गुहाला क्षेत्र में आपसी प्रेम और सौहार्द की अनोखी मिसाल देखने को मिली. ईदगाह में नमाज अदा करने के लिए जगह कम पड़ने पर एक हिंदू परिवार ने ईद के मौके पर मुस्लिम समाज को जमीन भेंट कर दी. इस पहल की पूरे इलाके में सराहना हो रही है. ढाणी सावावाली निवासी लक्ष्मण राम सैनी, भोपाल राम सैनी, पूरणमल सैनी और जगदीश सैनी ने ईदगाह के लिए अपनी जमीन देने का फैसला लिया.
चारों भाइयों के इस कदम को हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का प्रतीक बताया जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के कार्य समाज में एकता और आपसी विश्वास को और मजबूत करते हैं. इस अवसर पर मुस्लिम समाज के लोगों ने चारों भाइयों का साफा और माला पहनाकर स्वागत किया. समाज के लोगों ने उनका आभार जताते हुए कहा कि यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा.
हिंदू परिवार ईदगाह के लिए दान की कीमती जमीन
नवाब कुरैशी ने बताया कि जब हिंदू समुदाय के लोगों ने देखा कि ईदगाह नरसिंहपुरी पंचायत की ढाणी सावावाली में स्थित ईदगाह वाली जगह मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए छोटी है तो इस पर ढाणी सावावाली के निवासी लक्ष्मण राम सैनी, भोपाल राम सैनी, पूरणमल सैनी, जगदीश सैनी और चारों भाइयों ने ईदगाह और मस्जिद की सीमा से लगने वाली जमीन मुस्लिम भाइयों को दान कर हिन्दू-मुस्लिम की सौहार्द की एक नजीर पेश की.
सैकड़ों नमाजियों की मौजूदगी में हिंदू परिवार का स्वागत
हाजी मोहम्मद तौफीक ने बताया, ”ईद के दिन यहां इतनी भीड़ हो जाती थी कि लोगों को खड़े होने की भी जगह नहीं मिलती थी. आसपास के कई गांवों में ईदगाह की सुविधा नहीं है, इसलिए सब यहीं आते हैं. इस समस्या को लेकर हमने इन भाइयों से बात की. इन भाइयों ने ईदगाह के लिए बिना पैसे के जमीन देने की इच्छा जाहिर की. ईद पर ईदगाह में नमाज के लिए पहुंचे सैकड़ों नमाजियों की मौजूदगी में इन भाइयों का स्वागत सम्मान भी किया गया. जिसका वीडियो सामने आने के बाद इस पहल की खूब तारीफ हुई.”
हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की पेश की मिसाल
पूरणमल सैनी ने बताया, “जब उनसे ईदगाह के लिए थोड़ी जमीन देने की बात कही गई तो उन्होंने बिना हिचक हामी भर दी. उन्होंने कहा कि हमारा मुसलमान भाइयों से पहले से ही प्यार है. जमीन मांगी तो हमने कह दिया ले लो. मुसलमान भाइयों ने पैसे देने की पेशकश की लेकिन हमने आपसी प्यार में पैसा लेने से इनकार कर दिया.” गांव के अब्दुल रशीद इस पहल को एक बड़े संदेश के तौर पर देखते हैं. उन्होंने कहा, “आजकल जिस तरह का माहौल जैसा है उसमें ईदगाह के लिए जमीन देने बहुत बड़ी बात है. इन्होंने दिखाया है कि भाईचारा क्या होता है.”


