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‘स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाए तो हमसे नहीं पूछा..’, AIMIM चीफ ओवैसी ने कांग्रेस पर निकाली भड़ास


ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को सदन में स्पीकर को लेकर बयान दिया है. इस दौरान उन्होंने सदन की आजादी खत्म होने की बात भी कही. साथ ही नेहरू से लेकर महात्मा गांधी के विचारों का भी जिक्र किया. लोकसभा में ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया है. 

ओवैसी ने कहा कि कल हम, चंद्रशेखर (पता नहीं पप्पू यादव आएंगे साथ में या नहीं) एक मोशन मूव करने वाले हैं. हनुमान बेनीवाल को डिप्टी स्पीकर बनाया जाए. ओवैसी ने कहा कि जब स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाए तो हमसे नहीं पूछा गया. उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि किसी शायर ने सही कहा है कि बड़ी देर कर दी मेरहबां आते आते.

ओवैसी ने कहा कि हमारे देश में सैपरेशन ऑफ पावर है. स्पीकर का हमारे देश में छटा मुकाम है. सीजेआई के बराबर है.  स्पीकर के आंख नहीं होती हैं. स्पीकर के कान नहीं होते हैं. वह देखता है तो विधानमंडल की आंख से देखता है. वह कान से सुनता है, तो विधानमंडल के कान से सुनता है. हम एक स्वतंत्र सदन के सदस्य हैं. हम किसी राजनीति पार्टी के मजदूर नहीं है. स्पीकर हमें जवाबदेह है. सरकार हमारे प्रति जवाबदेह है. हम एक मोशन मूव करने वाले हैं कल , मैं, चंद्रशेखर, पप्पू यादव कल आएंगे कि नहीं आएंगे. नहीं मालूम. हनुमान बेनीवाल को डिप्टी स्पीकर बनाया जाए. 

विपक्ष की एकता के नाम पर हम गुलाम बन जाएंगे? 

हमारी तकलीफ ये हैं कि लीडर ऑफ द हाउस हैं, वो एनडीए के हैं. नेता प्रतिपक्ष हैं, वो अपने ब्लॉक के हैं. हम कहां जाएंगे. हमको नहीं पूछा गया साइन करते वक्त. स्पीकर के खिलाफ विपक्ष एकता के नाम पर हम गुलाम बन जाएंगे. नहीं बनेंगे हम गुलाम. उपराष्ट्रपति के चुनाव के समय भी हमसे नहीं पूछा गया. 

शायरी सुनाकर नेता प्रतिपक्ष को घेरा

ओवैसी ने कहा कि एक शायर ने बहुत अच्छा कहा है, नेता प्रतिपक्ष के बारे में, उन्होंने कहा कि तेरी नजर में मेरी कदर कुछ भी नहीं; मेरी कदर इनसे पूछ जिन्हें हासिल नहीं हूं. आखिर में ओवैसी ने सदन को पक्ष और विपक्ष पर अपने हिसाब से चलाने का आरोप लगाया. ओवैसी का पूरा भाषण एक तरफ सदन चलाने को लेकर हमलावर रहा.

सदन में जगदंबिका पाल की अध्यक्षता पर उठाए सवाल

इससे पहले मंगलवार को ओवैसी ने सदन में पाइंट ऑफ ऑर्डर उठाया था. इसमें उन्होंने बीजेपी एमपी जगदंबिका पाल के नो कॉन्फिडेंस मोशन की अध्यक्षता करने की लीगैलिटी पर भी सवाल उठाया.

ओवैसी ने कहा था कि पाल, जिन्हें स्पीकर ने अपॉइंट किया था, कॉन्फिडेंस मोशन पर बहस की अध्यक्षता नहीं कर सकते. उन्होंने संविधान के आर्टिकल 95 और 96 का हवाला दिया. संविधान के आर्टिकल 95 और 96 स्पीकर और डिप्टी स्पीकर दोनों के कामों से जुड़े हैं, और जब कोई एक ऑफिस खाली हो या हटाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन हो तो मीटिंग की अध्यक्षता कौन करता है.

AIMIM चीफ ने सरकार पर संवैधानिक गड़बड़ करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि सर, आप (MP जगदंबिका पाल) चेयर पर बैठे हैं. आपको स्पीकर ने अपॉइंट किया है. मेरा मानना ​​है कि आप वहां बैठकर यह कार्यवाही नहीं कर सकते. हाउस का स्टैंड लिया जाना चाहिए. रूल 10 कॉन्स्टिट्यूशन के आर्टिकल 95 और 96 को ओवरटेक नहीं कर सकता, सर. इस सरकार ने कॉन्स्टिट्यूशनल गड़बड़ कर दी है.

यह भी पढ़ें: ‘जब बोलने का मौका आता है तो जर्मनी-इंग्लैंड घूमते हैं’, राहुल गांधी के आरोपों पर संसद में भड़के अमित शाह





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