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शुरुआत बिंदू की कहानी से। तिरुवनंतपुरम के पल्लीचल गांव में रहने वाली बिंदू की शादी 16 साल की उम्र में हो गई थी। ससुराल में खाने के भी लाले थे। बिंदू पढ़ी-लिखी थीं। बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगीं। पहली कमाई 10 रुपए थी। धीरे-धीरे कमाई बढ़ी, तो बिंदू संस्कृत से ग्रेजुएशन करने लगीं। वहीं उनके आचार्य ने आयुर्वेद बिजनेस का आइडिया दिया। बिंदू ने सास से एक हजार रुपए उधार लिए। केरलम सरकार की कुडुंबश्री योजना से मदद ली और काम शुरू कर दिया। ये 2006 की बात है। अब बिंदू अपनी कंपनी चलाती हैं। 3 से 4 लाख रुपए महीने का बिजनेस है। 40 से ज्यादा देशों के लोग उनसे बिजनेस मॉडल समझने आ चुके हैं। सब उन्हें दीदी बुलाते हैं। बिंदू मानती हैं कि उनकी लाइफ कुडुंबश्री ने बदली है। केरलम सरकार की इस योजना से 46 लाख से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हैं, यानी राज्य के हर दूसरे घर में एक कुडुंबश्री मेंबर है। ये महिलाएं बिजनेस तो चलाती ही हैं, साथ में चुनाव लड़ती भी हैं और हार-जीत तय भी करती हैं। कुडुंबश्री में लेफ्ट का दबदबा, विजयन को दूसरी बार सत्ता दिलाई
2021 में चुनाव जीतने वाले गठबंधन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी LDF को 48% महिलाओं ने वोट दिए थे। ये मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की सत्ता में वापसी की बड़ी वजह मानी गई। नवंबर 2023 से नवंबर 2025 में देश के 15 राज्यों में चुनाव हुए हैं। इनमें से 10 में महिलाओं को पैसे देने वाली कैश स्कीम लागू की गईं या वादा किया गया। 10 में से 9 राज्यों में योजना कारगर रही। मध्यप्रदेश, बिहार, हरियाणा, झारखंड, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, ओडिशा में महिलाओं के लिए हर महीने पैसे वाली स्कीम लाने वाली पार्टियों को एकतरफा जीत मिली। केरलम की 140 सीटों के लिए 9 अप्रैल को वोटिंग होनी है। यहां कुडुंबश्री गेमचेंजर हो सकती है। अब तक इस बिजनेस मॉडल पर लेफ्ट का कब्जा था, लेकिन अब कांग्रेस और BJP भी सेंधमारी कर रही हैं। बिंदू की कहानी से समझिए कुडुंबश्री कितनी अहम
बिंदू की आयुराज इंडस्ट्री के नाम से आयुर्वेद कंपनी है। वे 15 तरह के प्रोडक्ट बेचती हैं। 5 प्रोडक्ट ब्राह्मी के हैं, जिसमें हेयर ऑयल, फेसवॉश, शहद, जैम, मिक्स पैक शामिल हैं। बिंदु केरलम में आयुर्वेद आइकाॅन बन चुकी हैं। कुडुंबश्री से जुड़ी महिलाओं को ट्रेनिंग देने जाती हैं। 2012, 2014, 2016 में राज्य और केंद्र सरकार से बेस्ट आंत्रप्रेन्योर अवॉर्ड मिला है। आयुर्वेद पर किताब लिख रही हैं। बिंदू बताती हैं, ‘पहली बार ब्राह्मी ऑयल बनाकर फ्री में पड़ोसियों को दिया था। उन्हें बहुत पसंद नहीं आया। तभी पता चला कि तिरुवनंतपुरम में कुडुंबश्री फेयर लगा है। वहां स्टॉल लगाया। 24 बॉटल ऑयल तैयार किया था। 2 घंटे में सब बिक गया। इसी से हिम्मत बढ़ी। मैं कुडुंबश्री मिशन से जुड़ गई। वहां से लोन लेकर घर में मशीन लगवाई। काम चल निकला।’ 1998 में कुडुंबश्री की शुरुआत, विजयन सरकार की सबसे बड़ी ताकत
केरलम में बिंदु की तरह लाखों कहानियां हैं। इससे जुड़ी महिलाओं के बिजनेस हैं, वे कैंटीन, जूस का प्लांट चलाती हैं। 17 मई, 1998 को शुरू हुआ। तब LDF के ईके नयनार मुख्यमंत्री थे। योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने मल्लापुरम से की थी। योजना का मकसद गरीबी खत्म करना और महिलाओं को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाना था। अब ये मिशन दुनिया में महिलाओं का सबसे बड़ा ग्रुप बन चुका है। अब कुडुंबश्री के ऑफिस चलिए, देखिए वहां क्या होता है
कुडुंबश्री का ऑफिस राजधानी तिरुवनंतपुरम में है। सीढ़ियां चढ़ते ही सीएम पिनराई विजयन की फोटो और LDF का पोस्टर दिखता है। चुनावी माहौल में कुडुंबश्री की बातें हो रही हैं। दिसंबर, 2025 में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में ग्राम, ब्लॉक, जिला पंचायत, म्युनिसिपालिटी, कॉर्पोरेशन लेवल पर 17,082 कुडुंबश्री वॉलंटियर्स ने चुनाव लड़ा। इनमें 7,210 जीत गईं। ऑफिस में महिलाओं की क्लास चल रही है। पूरे केरलम से करीब 40 महिलाएं आई हुई थीं, जिन्होंने एक-दो साल पहले ही बिजनेस शुरू किया है। अधिकारी बोले- ग्राउंड पर राजनीति है, बात करूंगा तो झापड़ खाऊंगा
हमने महिलाओं को ट्रेनिंग दे रहे अधिकारी से बात की। वे अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहते। अधिकारी कहते हैं, ‘हम ट्रेनिंग, डोनेशन और ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को मिशन से जोड़ने की बात करते हैं। अगर मैं यहां पॉलिटिकल बात करूंगा, तो झापड़ खाने को मिलेगा।’ ‘हकीकत यही है कि ये महिलाएं किसी न किसी पार्टी से जुड़ी हैं। 10 साल से LDF की सरकार है, जाहिर सी बात है कि उससे प्रभावित महिलाएं ज्यादा मिलेंगी। विजयन सरकार ने पिछले साल में अच्छा खासा बजट भी दिया है।’ 10 लाख लोन लेकर कैंटीन खोला, हर महीने 7 लाख रुपए कमाई
50 साल की सुनिता तिरुवनंतपुरम में कैंटीन चलाती हैं। वे बताती हैं, ‘बेटे और पति बाहर काम करते हैं। घर पर मन नहीं लगता था, इसलिए मैंने 2024 में कैंटीन शुरू किया। कुडुंबश्री से जुड़ी, 10 लाख रुपए लोन लिया। आज कैंटीन में 21 महिलाएं काम कर रही हैं। उन्हें 700 से 1300 रुपए रोज मेहनताना देती हूं। महीने में 6 से 7 लाख रुपए की कमाई हो जाती है।’ चुनाव पर सुनिता कहती हैं, इस बार थोड़ा मुश्किल है। BJP अच्छी फाइट में है। तिरुवनंतपुरम में तीन सीटों पर मजबूत है। हालांकि, कुडुंबश्री की महिलाएं LDF को ही वोट देंगी। कुडुंबश्री के जरिए राजनीति में आईं महिलाएं
सिंधू शशि LDF से जुड़ी हैं। वे मलयालम में बताती हैं, ‘20 साल से कुडुंबश्री से जुड़ी हूं। मेरी टीम सिलाई–बुनाई करती हैं। नगर निगम चुनाव में कुडुंबश्री से जुड़ी 10 महिलाओं ने चुनाव लड़ा था, इनमें से 5 जीत गईं। ज्यादातर LDF से जुड़ी हैं। महिलाओं की इतनी तरक्की मौजूदा सरकार की वजह से हुई है, तो हम उसे कैसे छोड़ सकते हैं।’ एक्सपर्ट बोले- कुडुंबश्री का वोट LDF को मिलेगा
तिरुवनंतपुरम के सीनियर जर्नलिस्ट अजय कुमार बताते हैं कि कुडुंबश्री की शुरुआत के बाद ज्यादातर LDF की सरकार रही है। उसने समय-समय पर फंड भी बढ़ाया है। ऐसे में कुडुंबश्री का बड़ा तबका LDF और विजयन सरकार को ही वोट करेगा। ये उनके लिए फायदे का मिशन है। LDF कुडुंबश्री को अपनी राजनीति में इस्तेमाल भी करता है। जन्मभूमि अखबार के एडिटर प्रदीप बताते हैं सरकार चला रही पार्टी CPI(M) ने कुडुंबश्री का कैरेक्टर बदल दिया है। कार्यकर्ताओं को इसकी यूनिट में नौकरी दी है। कुडुंबश्री को CPI(M) के नेता वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने इसमें अपनी राजनीति को मिक्स कर दिया है। उनका यूनियन भी ग्राउंड पर कुडुंबश्री के साथ मिलकर काम कर रहा है। कुडुंबश्री पर BJP-कांग्रेस के वादे BJP: राजनीति का दखल खत्म करेंगे, मार्केट मुहैया कराएंगे
BJP ने महिलाओं के दम पर मध्यप्रदेश, हरियाणा और बिहार में एकतरफा जीत हासिल की। केरलम में महिलाओं को अपने पाले में करने की चुनौती है। पार्टी ने 11 मार्च को जारी संकल्प पत्र में कुडुंबश्री को भी शामिल किया है। वादा किया है कि इसकी यूनिट का दायरा बढ़ाकर इसे लघु उद्योग में बदलेेंगे। फंड मैनेजमेंट को पारदर्शी बनाएंगे, ताकि राजनीतिक दखल कम हो। कुडुंबश्री के बनाए प्रोडक्ट को इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा गरीबी रेखा से नीचे रह रही महिलाओं को हर महीने पैसे देना, साल में 6 मुफ्त सिलेंडर, स्कॉलरशिप और सस्ते कर्ज जैसे वादे भी हैं। कांग्रेस: 5 लाख रुपए का ब्याज मुक्त कर्ज
राहुल गांधी ने 25 मार्च को कोच्चि में UDF का गारंटी कार्ड जारी किया। इसमें कुडुंबश्री के जरिए बच्चों के लिए नर्सरी और क्रेच चलाने की योजना है। इसके अलावा महिलाओं को 5 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त कर्ज देने का वादा किया है। …………………………
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