मिडिल ईस्ट जंग को लेकर पिछले कुछ दिनों से ईरान को धमकी देने वाले डोनाल्ड ट्रंप के तेवर ढीले पड़े गए हैं. ईरान में यूएस की जमीनी कार्रवाई के कयासों के बीच ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस जंग में ज्यादा दिन पर नहीं उलझा रहेगा. 28 फरवरी को शुरू हुए जंग के बाद से बार-बार ईरान को तबाह करने की धमकी देने के बाद अब ट्रंप ने पहली बार कबूल किया है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी अभियानों ने देश की क्षमताओं को बुरी तरह कमजोर कर दिया है.
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप का बयान
न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, ‘दुनिया के बाकी देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का समाधान निकाल सकते हैं, जिसे ईरान ने 31 दिनों से अधिकांश अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए बंद कर रखा है. इससे वैश्विक ऊर्जा की कीमतें आसमान छू रही हैं. मुझे लगता है कि यह रास्ता अपने आप खुल जाएगा, लेकिन मेरा रवैया ये है कि मैंने ईरान को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है. उनके पास अब कोई ताकत नहीं बची है. हम मिडिल ईस्ट से निकलेंगे तो होर्मुज स्ट्रेट खुद खुल जाएगा.’
हमने ईरान की परमाणु क्षमता छीन ली: ट्रंप
ट्रंप ने कहा, ‘हम अभी ईरान पर हमला कर रहे हैं. यह पूरी तरह से विनाशकारी है, लेकिन हमें उनकी क्षमता को खत्म करने के लिए अभी और काम करने हैं. हमें ईरान की हमला करने की क्षमता को खत्म करना होगा.’ सैन्य लक्ष्य से जुड़े सवाल पर ट्रंप ने कहा, ‘हमने ईरान की परमाणु क्षमता छीन ली है. वहां सत्ता परिवर्तन का लक्ष्य भी पूरा हो चुका है.’ ट्रंप से पूछा गया कि क्या वे अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को पाकिस्तान वार्ता के लिए भेजने की प्लानिंग कर रहे हैं. इस पर यूएस प्रेसिडेंट ने कहा, ‘यह हास्यास्पद है. मैं इस बारे में कुछ नहीं बता सकता.’
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप ने मांगी थी मदद
ट्रंप ने मार्च की शुरुआत में होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित करने में यूरोपीय देशों के साथ-साथ पश्चिम एशिया से तेल और गैस की आपूर्ति पर निर्भर अन्य देशों से मदद मांगी थी. होर्मुज स्ट्रेट का उपयोग वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की लगभग 20 फीसदी आपूर्ति के परिवहन के लिए किया जाता है. ट्रंप ने कहा था, ‘अगर हमें उनकी ‘माइन बोट’ की जरूरत हो या किसी भी चीज की, उनके पास मौजूद किसी भी उपकरण की तो उन्हें हमारी मदद के लिए तुरंत आगे आना चाहिए. हम चाहते हैं कि वे आएं और इस क्षेत्र में हमारी मदद करें.’
ईरान के धमकी देने वाले ट्रंप पड़े ढीले
ट्रंप ने ये भी कहा था, ‘मेरा मानना है कि हमें किसी की जरूरत नहीं है. हम दुनिया के सबसे शक्तिशाली राष्ट्र हैं. हमारे पास दुनिया की सबसे मजबूत सेना है. हमें उनकी जरूरत नहीं है.’ होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने में मदद की ट्रंप की अपील को यूरोपीय देशों, चीन, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों से बेहद ठंडी प्रतिक्रिया मिली है.
पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति ने धमकी दी थी कि अगर ईरान 48 घंटों के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से नहीं खोलता है, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट को नष्ट कर देगा. अगले दिन ट्रंप ने ईरान में एक नेता के साथ बातचीत का हवाला देते हुए हमलों को स्थगित कर दिया, पहले पांच दिनों के लिए और फिर 10 दिनों के लिए.


