
राजस्थान में एक हाथी को गुलाबी रंग से रंगकर फोटोशूट कराने की घटना ने पूरे देश में गुस्से की लहर पैदा कर दी है। इस विवाद के बीच टीवी शो अनुपमा की मशहूर एक्ट्रेस रुपाली गांगुली ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने हाथियों की सवारी पर पूरी तरह रोक लगाने और इसके बजाय रोबोटिक हाथियों जैसे विकल्प अपनाने की मांग की है। यह मामला सिर्फ एक फोटोशूट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह जानवरों के अधिकारों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है।
‘चंचल’ की मौत ने बढ़ाया गुस्सा
अपने पत्र में रुपाली गांगुली ने उस हाथी ‘चंचल’ का जिक्र किया, जिसे इस फोटोशूट में इस्तेमाल किया गया था और जिसकी बाद में मौत की खबर सामने आई। उन्होंने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक जानवर की मौत नहीं, बल्कि हमारी संवेदनाओं की परीक्षा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ अपने वन्यजीव संरक्षण के साझा दृष्टिकोण का भी जिक्र किया और इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की।
आमेर किले पर हाथियों के साथ हो रहा अत्याचार
रुपाली गांगुली ने अपने पत्र में यह भी बताया कि जिन लोगों के पास यह हाथी था, उनका नाम सादिक खान बताया गया है, जो पहले भी आमेर किले पर हाथियों की सवारी से जुड़े रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन हाथियों को जब सवारी के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता, तब उन्हें जंजीरों में बांधकर रखा जाता है और कंट्रोल करने के लिए हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसी स्थिति में हाथियों को शारीरिक ही नहीं, मानसिक पीड़ा भी झेलनी पड़ती है।
‘देश में बदल रही सोच’, रुपाली का संदेश
रुपाली गांगुली ने अपने पत्र में लिखा कि इस घटना ने पूरे भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों को झकझोर दिया है। इससे यह साफ होता है कि अब लोग जानवरों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं और समाज में सोच तेजी से बदल रही है।
रोबोटिक हाथियों का सुझाव
उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि जिस तरह इंडोनेशिया ने हाथियों की सवारी पर रोक लगाई है, उसी तरह भारत को भी इस दिशा में कदम उठाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि हाथियों की जगह रोबोटिक हाथी, इलेक्ट्रिक वाहन या अन्य गैर-जानवर विकल्पों को बढ़ावा दिया जाए। इससे न सिर्फ जानवरों को राहत मिलेगी, बल्कि पर्यटन और परंपराओं को भी आधुनिक और सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
केरल में शुरू हुआ नया प्रयोग
इसी दिशा में केरल पर्यटन विभाग ने भी एक नई पहल की है, जहां थम्बूरमोझी बटरफ्लाई गार्डन में मैकेनिकल हाथियों के जरिए सफारी अनुभव दिया जा रहा है। यह पहल दिखाती है कि बिना जानवरों को नुकसान पहुंचाए भी पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है।
क्यों खतरनाक हो सकता है हाथियों का इस्तेमाल?
जानकारों का कहना है कि जब हाथियों को मजबूरी में इंसानों के करीब रखा जाता है, तो वे तनावग्रस्त हो जाते हैं और उनका व्यवहार अप्रत्याशित हो सकता है। कई बार ऐसे मामलों में हमले भी देखने को मिलते हैं, जिससे इंसानों और जानवरों दोनों की जान को खतरा होता है।


