हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है. जिले के बहडाला गांव में मात्र एक अमरूद तोड़ने के शक में एक रिटायर्ड फौजी ने 6 साल की मासूम बच्ची को जंजीर और रस्सी से सीढ़ियों की रेलिंग से बांध दिया. गनीमत रही कि वहां से गुजर रहे नौसेना (Navy) के एक कैप्टन ने बच्ची की चीख-पुकार सुनकर उसे इस अमानवीय यातना से मुक्त कराया.
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार (05 अप्रैल) को भारतीय नौसेना में कैप्टन रोहित जसवाल सड़क से गुजर रहे थे. तभी उन्हें एक मकान के अंदर से किसी छोटी बच्ची के रोने और “अंकल बचाओ, अंकल बचाओ” चिल्लाने की आवाज सुनाई दी. जब उन्होंने अंदर जाकर देखा, तो उनके होश उड़ गए. 6 साल की एक डरी-सहमी बच्ची कपड़ों और जंजीर की मदद से सीढ़ियों की रेलिंग से बंधी हुई थी और मदद की भीख मांग रही थी.
अमरूद के लिए दी ‘तालिबानी’ सजा
कैप्टन रोहित ने जब मकान मालिक (रिटायर्ड फौजी) से बच्ची को इस तरह बांधने और यातना देने का कारण पूछा, तो उसने बड़ी बेरुखी से जवाब दिया कि इस बच्ची ने उसके पेड़ से अमरूद तोड़े हैं. इस निंदनीय और क्रूर व्यवहार को देखकर कैप्टन रोहित ने तुरंत अपने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया. उन्होंने रिटायर्ड फौजी को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल बच्ची को खोलने के लिए कहा. जब रोहित ने बच्ची से पूछा, तो उस मासूम ने अमरूद तोड़ने की बात से साफ इनकार कर दिया.
चाइल्ड हेल्पलाइन ने लिया संज्ञान, लोगों में भारी आक्रोश
रेलिंग से बंधी बच्ची का यह दर्दनाक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो देखकर हर कोई एक पूर्व सैनिक की इस क्रूर मानसिकता पर हैरानी और गहरी नाराजगी जाहिर कर रहा है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ‘चाइल्ड हेल्पलाइन’ (Child Helpline) की टीम ने तुरंत संज्ञान ले लिया है और आरोपी रिटायर्ड फौजी के खिलाफ आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. लोग आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे हैं.


