मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट का असर हर तरफ देखने को मिल रहा है. इस बीच तेल संकट से जूझ रहे भारत के पड़ोसी देश नेपाल ने रविवार (5 अप्रैल, 2026) को दो महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की है. नेपाल के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन) के नेतृत्व वाली सरकार ने देश भर में सरकारी कार्यालयों के टाइम टेबल में बदलाव करने की घोषणा की है.
सरकार के नए फैसले के तहत अब नेपाल में सरकारी दफ्तर सुबह 9 बजे से खुल जाएंगे, जो शाम पांच बजे तक खुले रहेंगे. इसके अलावा सरकार ने नेपाल के सरकारी दफ्तरों और स्कूल समेत अन्य शैक्षणिक संस्थानों में रविवार के साथ-साथ शनिवार यानी दो दिनों की छुट्टी का भी ऐलान किया है.
सरकार ने आधिकारिक तौर पर की घोषणा
नेपाल सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि अब से देश भर से सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में शनिवार और रविवार, यानी हफ्ते में दो दिन, छुट्टी रहेगी. उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार की ओर से यह फैसला देश में पेट्रोलियम आपूर्ति में आ रही मुश्किलों और असहज परिस्थितियों के कारण लिया गया है.
उन्होंने कहा, ‘सरकार ने मंत्रिपरिषद की बैठक में शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर अन्य सभी सरकारी दफ्तरों का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बनाए रखने का फैसला किया है. यह नई व्यवस्था पूरे देश में सोमवार (6 अप्रैल, 2026) से लागू हो जाएगी. जिसके तहत अब सरकारी कर्मचारियों को अपने कार्यालय में सुबह 9 बजे रिपोर्ट करना होगा, ताकि देश में कहीं भी कार्यक्षमता प्रभावित न हो.’
नेपाल में पहले क्या था दफ्तरों का टाइम टेबल?
नेपाल सरकार के इस फैसले को देश में तेल संकट के बीच सरकारी काम और कार्यक्षमता को प्रभावित होने से बचाने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है. आमतौर पर नेपाल में सरकारी कार्यालयों में सुबह 10 बजे से काम शुरू होता था और शाम 5 बजे खत्म होता था, जिसमें नए फैसले के तहत सुबह में एक घंटे का समय बढ़ाया गया है. ऐसा इसलिए किया गया कि ताकि हफ्ते में एक के बजाए दो दिन (शनिवार के साथ रविवार) की छुट्टी के कारण कार्यक्षमता को प्रभावित होने के बचाया जा सके.
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