पाकिस्तान में शांति वार्ता को लेकर होने वाली बैठक से पहले ईरान के सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि ईरान पर हमला करने वाले को नहीं छोड़ेंगे. अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सीजफायर का ऐलान करने के बाद मोज्तबा खामेनेई का यह पहला बयान है. उन्होंने कहा कि हम युद्ध नहीं चाहते हैं, लेकिन अपना अधिकार नहीं छोड़ेंगे.
ईरान बड़ी ताकत बनने की दहीज पर खड़ा: मोज्तबा
मोज्तबा खामेनेई ने कहा, ‘ईरान बड़ी ताकत बनने की दहीज पर खड़ा है. ईरान इस जंग का निर्णाय विजेता रहा है. हम उन अपराधी हमलावरों को नहीं बख्शेंगे, जिन्होंने हमारे देश पर हमला किया. हम हर एक नुकसान के लिए मुआवजा की और हमारे शहीदों के खून की कीमत का हरजाना लेंगे. होर्मुज स्ट्रेट के मैनेजमेंट पर नए फेज में जाएंगे. हमारी सेना ने हमें महान जीत दिलाई है.’
अमेरिका और ईरान बुधवार को दो हफ्ते के लिए सशर्त युद्ध-विराम पर सहमत हो गए. इसके बाद, मतभेदों को सुलझाने और मौजूदा सीजफायर को एक स्थायी शांति में तब्दील करने के लिए इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को बैठक होनी है. प्रस्तावित बातचीत से कुछ घंटे पहले, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि लेबनान पर इजरायल का हमला शुरुआती युद्ध-विराम का खुला उल्लंघन है और इससे बातचीत निरर्थक हो जाएगी.
हमारी ऊंगलियां ट्रिगर पर ही रहेंगी: पेजेश्कियान
पेजेश्कियान ने कहा, ‘इस तरह के कदम धोखे और नियमों का पालन न करने का संकेत देते हैं, जिससे बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाता. हमारी ऊंगलियां ट्रिगर पर ही रहेंगी. ईरान अपने लेबनानी भाइयों और बहनों को कभी अकेला नहीं छोड़ेगा.’ पेजेश्कियन ने यह बात लेबनान में इजरायल के बड़े हमलों के एक दिन बाद कही, जिनमें 200 से ज्यादा लोग मारे गए और 1,000 से अधिक घायल हुए.
अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को उच्च-स्तरीय वार्ता की मेजबानी करने जा रहे पाकिस्तान ने राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की और क्षेत्र में स्थायी शांति हासिल करने के लिए पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों की प्रगति की समीक्षा की.
शांति वार्ता को लेकर पाकिस्तान में होगी बैठक
पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा कि वह पश्चिम एशिया संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर ईरान के साथ होने वाली बातचीत से पहले, दौरे पर आने वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को पूरी तरह सुरक्षित माहौल देगा. अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के भी पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन उसके आगमन का कोई समय घोषित नहीं किया गया है.
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