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सिगरेट पीने वालों के लिए इस देश ने बनाया सबसे खौफनाक कानून, वेपिंग पर भी लाखों का जुर्माना-जेल


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  • कानून तोड़ने पर पर्यटकों को जेल या पांच साल तक सजा हो सकती है.

दुनिया भर में घूमने-फिरने के शौकीन लोग अक्सर नए देशों के कानून को हल्के में लेने की गलती कर बैठते हैं, लेकिन एक देश ऐसा है जहां की छोटी सी लापरवाही आपको सीधे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है. अगर आप सिगरेट या वेपिंग के शौकीन हैं, तो इस एशियाई देश की यात्रा आपके लिए किसी बुरे सपने जैसी साबित हो सकती है. यहां के सख्त नियमों और भारी-भरकम जुर्माने ने इसे सिगरेट पीने वालों के लिए दुनिया के सबसे खतरनाक देशों की लिस्ट में शामिल कर दिया है.

वेपिंग और ई-सिगरेट पर पूर्ण प्रतिबंध

थाईलैंड सरकार ने साल 2014 से ही ई-सिगरेट पर पूरी तरह पाबंदी लगा रखी है. यह फैसला मुख्य रूप से सार्वजनिक स्वास्थ्य और युवाओं को नशे की लत से बचाने के उद्देश्य से लिया गया था. तब से लेकर अब तक इस कानून में कोई ढील नहीं दी गई है, बल्कि 2026 में इसकी सख्ती और ज्यादा बढ़ा दी गई है. थाईलैंड में न केवल ई-सिगरेट का इस्तेमाल करना अपराध है, बल्कि इन्हें देश के भीतर लाना, अपने पास रखना या किसी को बेचना भी गैरकानूनी माना जाता है.

कानून के दायरे में आने वाले उपकरण

थाईलैंड का यह बैन सिर्फ ई-सिगरेट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दायरे में वेपिंग से जुड़े सभी उपकरण आते हैं. इसमें वेपिंग डिवाइस, ई-लिक्विड और यहां तक कि इनके चार्जर या अन्य एक्सेसरीज पर भी पूरी तरह रोक है. कई बार विदेशी पर्यटक यह मान लेते हैं कि अपने पास छोटा सा डिवाइस रखना कोई बड़ी बात नहीं होगी, लेकिन वहां की पुलिस इसे एक गंभीर अपराध की श्रेणी में रखती है. एयरपोर्ट से लेकर होटल तक हर जगह इन चीजों की मनाही है.

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सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की रेड

सिर्फ एयरपोर्ट ही नहीं, बल्कि थाईलैंड के मशहूर बीच, होटल, मार्केट और सार्वजनिक जगहों पर भी पुलिस की पैनी नजर रहती है. पुलिस की टीमें अक्सर अचानक और औचक छापेमारी (Surprise Inspection) करती हैं. अगर कोई पर्यटक वहां वेपिंग करते हुए पाया जाता है, तो उसे तुरंत हिरासत में ले लिया जाता है. यह नियम स्थानीय नागरिकों और विदेशी सैलानियों पर समान रूप से लागू होता है, इसलिए पर्यटक होने का कोई विशेष फायदा या छूट यहां नहीं मिलती है.

भारी-भरकम जुर्माने का भी है प्रावधान

पकड़े जाने पर लगने वाला जुर्माना इतना ज्यादा है कि आपकी पूरी ट्रिप का बजट बिगड़ सकता है. सामान्य तौर पर पकड़े जाने पर 40,000 थाई बहत यानी भारतीय मुद्रा में करीब 1 लाख रुपये या उससे अधिक का जुर्माना लगाया जा सकता है. कुछ गंभीर मामलों में तो पकड़े गए डिवाइस की कुल कीमत का चार गुना तक जुर्माना वसूला जाता है. पुलिस स्टेशन ले जाकर पूछताछ के बाद कई बार तुरंत भारी जुर्माना भरवाकर ही व्यक्ति को छोड़ने का प्रावधान है.

पांच साल की जेल की सजा का डर

थाईलैंड में वेपिंग कानून को नजरअंदाज करना आपको जेल तक पहुंचा सकता है. पहली बार पकड़े जाने पर पर्यटकों को जेल की सख्त धमकी दी जाती है और कानूनी कार्यवाही शुरू की जाती है. वहीं, अगर कोई दोबारा इस अपराध को करता पाया जाता है या मामले की गंभीरता अधिक होती है, तो दोषी को 5 साल तक की जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है. यहां के कानूनों में सजा का प्रावधान इतना सख्त है कि पर्यटक अक्सर कानूनी जाल में बुरी तरह फंस जाते हैं.

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