5 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र
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पंजाब के फिल्लौर तहसील के दोसांझ कलां गांव में एक साधारण सिख परिवार में जन्मे दिलजीत दोसांझ की ग्लोबल स्टार बनने की कहानी इतनी भी आसान नहीं है। उनका बचपन आर्थिक दिक्कतों के बीच गुजरा है। इसलिए सिर्फ दसवीं तक ही पढ़ाई कर पाए। दिलजीत को बचपन से गाने का शौक था और वो गुरुद्वारे में गुरबानी कीर्तन किया करते थे।
अपने शुरुआती करियर में उन्होंने स्टेज शो से लेकर शादी में परफॉर्मेंस भी दी। दिलजीत ने अपने करियर की शुरुआत पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री से की। हालांकि शुरुआत में उन्हें सफलता नहीं मिली। पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री और फिल्मों में सफल होने के बाद जब दिलजीत ने बॉलीवुड में कदम रखा तो लोगों ने तंज कसना शुरू किया कि पगड़ी वालों को बॉलीवुड में हीरो का रोल नहीं मिल पाएगा।
सक्सेस के साथ-साथ दिलजीत समय-समय पर विवादों में भी रहे हैं। उन पर पंजाबी युवाओं की गलत छवि को बढ़ावा देने के आरोप लगे, तो किसान आंदोलन के दौरान किसानों का समर्थन कर विवादों में आ गए। पाकिस्तानी एक्ट्रेस के साथ काम किया तो उन पर देशद्रोह के आरोप लगे।
उनकी आने वाली फिल्म ‘बॉर्डर 2’ पर भी सवाल उठने लगे थे कि क्या दिलजीत जैसे कलाकार को एक देशभक्ति से जुड़ी आइकॉनिक फिल्म का हिस्सा होना चाहिए या नहीं।
आज दिलजीत दोसांझ अपना 42वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर जानिए उनके जीवन से जुड़े कुछ रोचक किस्से।

गांव की मिट्टी का मान बढ़ाने के लिए बदला अपना सरनेम
दिलजीत को बचपन से ही संगीत में रुचि थी। वे गुरुद्वारों में शबद-कीर्तन गाया करते थे, जिसने उनकी गायकी को मजबूत आधार दिया। उनके पिता बलवीर सिंह बस ड्राइवर और मां सुखविंदर कौर हाउसवाइफ थीं। दिलजीत का असली नाम दलजीत सिंह है जिसे उन्होंने बाद में बदलकर दिलजीत दोसांझ कर लिया। ऐसा उन्होंने अपने एक दोस्त राजिंदर सिंह के सुझाव पर किया।
राजिंदर सिंह ने दिलजीत की गायकी को शुरुआती दौर में पहचाना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। दिलजीत दोसांझ ने अपना नाम दलजीत सिंह से बदलकर दिलजीत कर दिया। सरनेम भी उन्होंने अपने जन्मस्थान दोसांझ कलां के नाम पर करके दिलजीत दोसांझ रख लिया। ऐसा उन्होंने अपने गांव की मिट्टी के मान को बढ़ाने के लिए किया।
पंजाबी म्यूजिक एल्बम में पहला ब्रेक
पंजाब में छोटे-छोटे कार्यक्रमों और गुरुद्वारों में गाने के दौरान दिलजीत की मुलाकात एक बार म्यूजिक प्रोड्यूसर बलवीर बोपाराय से हुई। उन्होंने दिलजीत को साल 2004 में पंजाबी म्यूजिक एल्बम ‘इश्क दा उड़ा अड्डा’ में ब्रेक दिया। इस म्यूजिक एल्बम को टी-सीरीज ने रिलीज किया था। हालांकि इस एल्बम से दिलजीत को कुछ खास सफलता नहीं मिली थी। इसके बाद ‘स्माइल’, ‘पटियाला पेग’ जैसे गानों ने उन्हें पंजाब का लोकप्रिय सिंगर बना दिया।

पहली फिल्म फ्लॉप होने के बाद दिलजीत दोसांझ को लगने लगा था कि एक्टिंग उनके बस की बात नहीं है।
पंजाबी सिनेमा से एक्टिंग की शुरुआत
दिलजीत दोसांझ ने साल 2011 में पंजाबी फिल्म ‘द लायन ऑफ पंजाब’ से एक्टिंग में डेब्यू किया। दिलजीत की सिंगिंग से प्रभावित होकर डायरेक्टर गुड्डू धनोआ ने उन्हें फिल्म में लीड भूमिका के लिए चुना। यह फिल्म एक एक्शन ड्रामा थी, जिसमें दिलजीत ने एक युवा देशभक्त का रोल निभाया था। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, अपनी पहली फिल्म की नाकामयाबी से दिलजीत दोसांझ थोड़े निराश हुए थे। हालांकि फिल्म का गाना ‘लख 28 कुड़ी दा’ काफी पसंद किया गया।
फिर एक्टिंग छोड़ने का मन बना लिया
बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू के दौरान दिलजीत दोसांझ ने बताया था कि दो फिल्में करने के बाद उन्होंने एक्टिंग न करने के बारे में सोच लिया था। दिलजीत ने बताया था- मेरी पहली फिल्म रिलीज होने से पहले ही दूसरी फिल्म शूट हो गई थी। तब मैंने सोचा था कि अब फिल्म नहीं करूंगा, गाने ही ठीक हैं, लेकिन दूसरी फिल्म हिट हो गई। फिर मुझे लगा कि अब एक्टिंग भी ठीक है।
‘जट्ट एंड जूलियट’ से स्टारडम की शुरुआत
‘द लायन ऑफ पंजाब’ और ‘जिने मेरा दिल लुटेया’ के बाद दिलजीत की साल 2012 में ‘जट्ट एंड जूलियट’ रिलीज हुई। इस फिल्म ने दिलजीत की किस्मत बदल दी और वे पंजाबी सिनेमा के बड़े सितारों में शामिल हो गए। इसके बाद उन्होंने ‘जट्ट एंड जूलियट 2’, ‘पंजाब 1984’,’सरदार जी’, ‘अंबरसरिया’ जैसी कई हिट पंजाबी फिल्मों में काम किया।

बॉलीवुड में दिलजीत दोसांझ की एंट्री
दिलजीत दोसांझ ने 2016 में फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ से बॉलीवुड में कदम रखा। उन्होंने इसमें पुलिस ऑफिसर सरताज सिंह का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा। इस फिल्म के लिए दिलजीत को बेस्ट मेल डेब्यू फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। हालांकि यह फिल्म रिलीज से पहले काफी विवादों में रही।
रिलीज से पहले फिल्म सेंसर बोर्ड के साथ बड़े विवाद में फंस गई थी। इस फिल्म में नशे की समस्या और पंजाब की सामाजिक सच्चाई को दिखाया गया था। सेंसर बोर्ड ने फिल्म के कई सीन काटने के सुझाव दिए। मामला कोर्ट तक पहुंचा और फिल्म बिना बड़े कट्स के रिलीज हुई। हालांकि विवाद फिल्म के कंटेंट को लेकर था, लेकिन पूरी स्टारकास्ट के साथ दिलजीत भी इस विवाद से चर्चा में आ गए।
फिल्मों के लिए पगड़ी पहनना नहीं छोड़ सकता
‘उड़ता पंजाब’ के बाद दिलजीत दोसांझ ने फिल्लौरी, सूरमा, गुड न्यूज, क्रू जैसी कई फिल्मों में दमदार अभिनय करके बॉलीवुड में अपनी एक अलग जगह बनाई। हालांकि दिलजीत को लेकर बॉलीवुड में तंज कसा जाता था कि पग वालों को बॉलीवुड में हीरो का रोल नहीं मिल पाएगा।
IANS को दिए इंटरव्यू में दिलजीत कहा ने कहा था- बहुत से लोगों ने मुझे बताया है कि मुझे अभिनेता नहीं होना चाहिए क्योंकि मैं पगड़ी पहनता हूं और अगर मुझे फिल्मों में काम करना है तो मुझे अपनी पगड़ी छोड़नी होगी। उसके बाद मुझे लगा कि मैं फिल्में छोड़ दूंगा, लेकिन अपनी पगड़ी नहीं छोड़ सकता।

वर्ल्ड टूर कर पंजाबी म्यूजिक को दिलजीत दोसांझ ने अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
दिलजीत दोसांझ ग्लोबल स्टार बन चुके हैं
न सिर्फ बॉलीवुड और पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के स्टार बल्कि दिलजीत दोसांझ अब ग्लोबल स्टार बन चुके हैं। दिलजीत पहले पंजाबी कलाकार हैं, जिन्होंने Coachella Music Festival 2023 में परफॉर्म किया। यह किसी भी भारतीय पंजाबी कलाकार के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि थी। उन्होंने अमेरिका, कनाडा, यूके और ऑस्ट्रेलिया में वर्ल्ड टूर कर पंजाबी म्यूजिक को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
दिलजीत दोसांझ ने पगड़ी, कुर्ता-पायजामा में पंजाबी भाषा को गर्व के साथ इंटरनेशनल मंचों पर पेश किया। यही वजह है कि वे आज पंजाबी कल्चर के ग्लोबल एम्बेसडर माने जाते हैं। हालांकि कुछ लोगों ने उनकी पगड़ी और देसी पहनावे को लेकर सवाल उठाए थे, वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने इसे पंजाबी पहचान की जीत बताया था।
समय-समय पर विवादों में भी रहे हैं
पंजाबी म्यूजिक और सिनेमा से निकलकर ग्लोबल स्टार बने दिलजीत दोसांझ का करियर जितना सफल रहा है, उतना ही वे समय-समय पर विवादों में भी रहे हैं। हालांकि दिलजीत की छवि आमतौर पर लो-प्रोफाइल और सुलझे हुए कलाकार की रही है, लेकिन कुछ मुद्दों ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया।
करियर के शुरुआती दौर में पंजाबी गीतों के बोल को लेकर विवाद हुए हैं। उन पर शराब, हथियार और पंजाबी युवाओं की गलत छवि को बढ़ावा देने के आरोप लगे। पंजाब सरकार और सामाजिक संगठनों ने कई बार पंजाबी कलाकारों को गानों के कंटेंट को लेकर चेतावनी दी। दिलजीत ने बाद में इंटरव्यू में कहा कि वे साफ-सुथरे और जिम्मेदार कंटेंट की ओर बढ़ना चाहते हैं। यही कारण है कि आगे चलकर उनके गानों की भाषा अपेक्षाकृत संतुलित रही।
कंगना रनोट के साथ तीखी नोकझोंक
2020–21 के किसान आंदोलन के दौरान दिलजीत दोसांझ खुलकर किसानों के समर्थन में आए। दिलजीत ने खुद को राजनीतिक नहीं, बल्कि किसानों के हक में खड़ा कलाकार बताया था। इस दौरान उन्हें भारी समर्थन भी मिला और आलोचना भी मिली थी। इस दौरान कंगना रनोट के साथ ट्विटर पर तीखी नोकझोंक भी हुई थी।

दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सरदार जी 3’ भारत में विवादों के कारण थिएटर्स में रिलीज नहीं हुई थी।
पाकिस्तानी एक्ट्रेस के साथ काम करने विवादों में घिरे
दिलजीत दोसांझ ‘सरदार जी 3’ में पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर के साथ काम करने पर विवादों से घिर गए थे। दरअसल, पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ही सभी पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में पूरी तरह बैन कर दिया गया है। FWICE (फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एंप्लॉयज) ने उस समय ऐलान किया था कि अगर कोई भी भारतीय, पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम करेगा तो इसे देशद्रोह माना जाएगा।
इस विवाद पर ‘सरदार जी-3’ के प्रोड्यूसर गुनबिर सिंह संधू ने अपनी सफाई में कहा था कि यह फिल्म पाकिस्तान से कॉन्फ्लिक्ट होने से पहले शूट की गई थी। हालांकि भारतीयों के सेंटिमेंट को ध्यान में रखते हुए इस फिल्म को भारत में नहीं रिलीज किया गया। इस मामले में दिलजीत ने कला को सीमाओं से ऊपर बताया था।

फिल्म बॉर्डर 2 में दिलजीत दोसांझ फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों का किरदार निभा रहे हैं। यह परम वीर चक्र विजेता वायुसेना अधिकारी 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए थे।
‘बॉर्डर 2’ से हटाने की मांग की गई थी
दिलजीत दोसांझ की ‘बॉर्डर 2’ फिल्म 23 जनवरी 2026 को थिएटर्स में रिलीज हो रही है। यह 1997 की मूल फिल्म बॉर्डर का सीक्वल है, जिसमें सनी देओल मुख्य भूमिका में हैं, साथ ही वरुण धवन और अहान शेट्टी भी शामिल हैं। इस फिल्म को भी लेकर दिलजीत विवादों में आ गए थे।
सवाल उठने लगे थे कि क्या दिलजीत जैसे कलाकार को एक देशभक्ति से जुड़ी आइकॉनिक फिल्म का हिस्सा होना चाहिए या नहीं। इस मामले में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज ने सख्त रुख अपनाते हुए फिल्म के मेकर्स से दिलजीत को ‘बॉर्डर 2’ से हटाने की अपील की थी, लेकिन तब तक दिलजीत दोसांझ के हिस्से की शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी थी।

दिल लुमिनाटी टूर सक्सेस के साथ-साथ विवादों में भी रहा
2024 में दिलजीत दोसांझ का दिल लुमिनाटी टूर खूब सफल रहा, लेकिन सफलता के साथ उस म्यूजिक टूर के दौरान कई विवाद हुए। कॉन्सर्ट के टिकटों की कालाबाजारी वाली बात भी सामने आई। इसके अलावा दिलजीत को हैदराबाद कॉन्सर्ट से पहले एक सरकारी नोटिस आया कि उन्हें शराब, ड्रग्स वाले गाने नहीं गाने हैं।
इस नोटिस का पालन तो सिंगर ने किया, मगर बाद में यह भी कहा कि अगर सभी स्टेट को ड्राय स्टेट बना दिया जाएगा तो वह अपनी जिंदगी में कभी भी शराब पर कोई गाना नहीं गाएंगे।
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