ईरान के साथ शुरू हुई इजरायल और अमेरिका की जंग को 10 दिन से ज्यादा बीत चुके हैं. इस दौरान ईरान के 8000 से ज्यादा शहरों में हमले किए गए हैं, जिनमें 1300 से ज्यादा लोगों की जान चली गई. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर इरावानी ने बताया है कि देश में करीब 9,600 रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया. यहां बाजार, अस्पतालों, मेडिसिन सेंटर्स और स्कूलों पर भी हमले किए गए. उधर, ईरान ने भी इजरायल के कई शहरों पर हमले किए, जबकि गल्फ देशों में मौजूद अमेरिकी एंबेसी को निशाना बनाया.
अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने मंगलवार (10 मार्च, 2026) को बताया कि 10 दिनों में ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान पर स्ट्राइक्स में कौन-कौन से हथियारों का इस्तेमाल किया गया. अमेरिका ने B-1 बॉम्बर से लेकर A-10 जैसे खतरनाक हथियारों से ईरान पर हमले किए हैं. इनमें कई हथियारों की रेंज 12 हजार, 8 हजार तक है और इनकी पेलोड कपैसिटी भी 90 हजार से एक लाख टन तक है.
CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया, जिसमें उसने लिखा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में CENTCOM ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी लॉन्च किया था. ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को धव्स्त करने के लिए सेनाएं उन ठिकानों को निशाना बना रही हैं, जहां तत्काल खतरा पैदा करने वाली साइट्स मौजूद हैं.’
CENTCOM ने बताया कि 28 फरवरी को सुबह 1.15 बजे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को लॉन्च किया गया. अमेरिका अब तक ईरान के 5,000 से ज्यादा ठिकानों को हिट कर चुका है, जिनमें 50 ईरानी जहाजों को भी नष्ट कर दिया गया है. CENTCOM ने आगे हथियारों की लिस्ट पेश करते हुए बताया कि किन हथियारों का ऑपरेशन के तहत इस्तेमाल किया गया, वो हथियार ये हैं-
B-1 बॉम्बर
B-2 स्टेल्थ
B-52 बॉम्बर
LUCAS ड्रोन्स
पेट्रियोट मिसाइल डिफेंस सिस्टम
THAAD एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम
F-15 फाइटर्स
F-16 फाइटर्स
F-18 फाइटर्स
F-22 फाइटर्स
F-35 स्टेल्थ बॉम्बर्स
A-10 अटैक जेट्स
EA-18 G इलेक्ट्रॉनिक अटैक एयरक्राफ्ट
AEW&C एयरक्राफ्ट
E-2D एडवांस्ड हॉकाई
एयरबॉर्न कम्युनिकेशन रिले
U-2 ड्रैगन लेडी
P-8 मैरिटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट
RC-135 रिकॉनिसेंस एयरक्राफ्ट
MQ-9 रिपर
M-142 हाई आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम्स
न्यूक्लियर-पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर्स
गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रोयर्स
काउंटर-ड्रोन सिस्टम
रिफ्यूलिंग टैंकर सिस्टम
रिफ्यूलिंग शिप्स
C-17 ग्लोबमास्टर कार्गो एयरक्राफ्ट
C-130 कार्गो एयरक्राफ्ट
EC-130H कंपास कॉल
काउंटर- रॉकेट, आर्टिलरी और मोर्टार सिस्टम्स
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने तैनात किए हैं, कौन-कौन से हथियार और क्या है इनकी ताकत-
B-2 स्टेल्थ: यह स्टेल्थ बॉम्बर है, जिसकी रेंज 11,000 किमी और पेलॉड कपैसिटी 18,000 किलोग्राम है.
LUCAS ड्रोन्स: यह आईआरएस अनमैन्ड एरियल व्हीकल है, जिसकी रेज 2,000 किमी है और इसमें मॉड्यूलर पेलोड है.
पेट्रियोट मिसाइल डिफेंस सिस्टम: यह एक एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसकी रेंज 70-160 किमी है और 24 किमी की रेंज तक यह दुश्मन मिसाइल या ड्रोन को नष्ट कर सकता है.
THAAD एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम: यह बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम है, जिसकी रेंज 200 किमी है और 150 किमी की रेंज तक यह दुश्मन की मिसाइल या ड्रोन को नष्ट कर सकता है. इसमें TPY-2 रडार है.
F-16 फाइटिंग फैल्कॉन: यह मल्टीरोल फाइटर जेट हैं, जो 550 किमी की रेडियस (Combat Radius) तक दुश्मन पर हमला कर सकता है. इसकी स्पीड मैक-2 और यह 7,700 किलोग्राम तक के हथियार लेकर उड़ने में सक्षम (Palyload Capacity) है.
F/A-18 सुपर हॉर्नेट: यह भी मल्टीरोल फाइटर जेट है, जिसकी कॉम्बैट रेडियस 720 किमी, स्पीड मैक-1.8 और पेलोड कपैसिटी 8,000 किलोग्राम है.
F-22 रैपटर: यह पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट है, जिसकी कॉम्बैट रेडियस 850 किमी और स्पीड मैक-2 से ज्यादा है.
F-35 लाइटनिंग II: यह पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट है, जिसकी कॉम्बैट रेडियस 1,100 किमी और स्पीड मैक-1.6 है.
A-10 थंडर बॉल्ट II: यह अटैक फाइटर जेट है, जिसकी कॉम्बैट रेडियस 460 किमी और पेलोड कपैसिटी 7,200 किलोग्राम है.
EA-18 G ग्राउलर: यह इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर एयरक्राफ्ट है, जिसकी स्पीड मैक-1.8 है. इसमें जैमिंग पॉड्स और SEAD कैपेबिलिटी है.
AEW&C एयरक्राफ्ट: इसकी रडार रेंज 400 किमी से ज्यादा है.
P-8 मैरिटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट: यह समुद्री पेट्रोल एयरक्राफ्ट है, जिसकी रेंज 2,200 किमी है.
RC-135 रिकॉनिसेंस एयरक्राफ्ट: इसमें इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस है. इसमें SIGINT प्लटफॉर्म है.
MQ-9 रिपर: यह आर्म्स अनमैन्ड एरियल व्हीकल है, जिसकी रेंज 1,850 किमी और पेलोड कपैसिटी 1,700 किलोग्राम है.
M-142 HIMARS: यह हाई आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम है, जिसकी रेंज 70-300 किमी है और यह जीपीएस गाइडेड रॉकेट्स से लैस है. इसमें 6 रॉकेट पॉड्स हैं.
न्यूक्लियर-पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर्स: यह 1,00,000 टन से भी ज्यादा का भार उठाने में सक्षम है, इसका एयर विंग 60-75 एयरक्राफ्ट ले जाने में सक्षम है.
गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रोयर्स: यह युद्धपोत है, जो Aegis रडार से लैस है, इसमें SM-2/SM-6 जैसी मिसाइलें लगी हैं और इसकी रेंज 1,600 किमी तक है.
काउंटर-ड्रोन सिस्टम: यह एयर डिफेंस सिस्टम है, जो रडार डिटेक्शन और आरएफ जैमिंग से लैस है.
रिफ्यूलिंग टैंकर सिस्टम: अमेरिका के पास KC 135 और KC-46 जैसे टैंकर हैं, जिनकी रेंज 12,000 किमी है और इनमें 90,000 किलोग्राम से भी ज्यादा की फ्यूल कपैसिटी है.
रिफ्यूलिंग शिप्स: इसमें मल्टी फ्यूल ट्रांसफर कैपेबिलिटी है.
C-17 ग्लोबमास्टर कार्गो एयरक्राफ्ट: यह स्ट्रेटेजिक एयरलिफ्ट है, जिसकी पेलोड कपैसिटी 77,500 किलोग्राम और रेंज 4,500 किमी है.
EC-130H कंपास कॉल: यह टेक्टिकल एयरलिफ्ट है, जिसकी पेलोड कपैसिटी 20,000 किलोग्राम और रेंज 3,800 किमी है.


