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भोपाल के रहने वाले आदित्य ने 6 मार्च को IVRS कॉल से एक LPG सिलेंडर बुक किया। आमतौर पर 1 दिन बाद सिलेंडर की होम डिलीवरी हो जाती थी। जब 3 दिन बाद भी सिलेंडर घर नहीं पहुंचा, तो उन्होंने वापस IVRS डायल किया। नंबर इनवैलिड बताने लगा। आदित्य गैस एजेंसी के दफ्तर पहुंचे। वहां अफरा-तफरी मची थी। किसी की शिकायत थी कि गैस बुक नहीं हो रही, किसी ने बताया बुकिंग के हफ्तेभर बाद भी डिलीवरी नहीं हुई। लोग एक अदद सिलेंडर के लिए चक्कर काट रहे थे। एक्स्ट्रा पैसे देने को तैयार थे। काफी मशक्कत के बाद आदित्य को एक सिलेंडर मिल सका। इस वक्त ये आपबीती देश के लाखों लोगों की है। ईरान जंग की आंच आपकी रसोई तक कैसे पहुंच गई, देश में कितने दिन की LPG बची है और अगर जंग खिंची तो सरकार कहां से लाएगी रसोई गैस; भास्कर एक्सप्लेनर में ऐसे 6 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल-1: भारत रसोई गैस या LPG पर कितना निर्भर है, कहां किल्लत दिख रही? जवाब: भारत को सालाना करीब 33 मिलियन मीट्रिक टन LPG की जरूरत होती है। घरेलू गैस सिलेंडर के हिसाब से हर साल करीब 235 करोड़ सिलेंडर। यानी रोजाना 64 लाख सिलेंडर। इसका 88% हिस्सा घरों में इस्तेमाल होता है। बाकी की 12% गैस कमर्शियल यानी होटल, रेस्टोरेंट, इंडस्ट्री वगैरह में यूज होती है। भारत अपनी खपत की 60% LPG विदेशों से खरीदता है। बाकी भारतीय रिफाइनरियों में तैयार होती है। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते विदेशों से होने वाली LPG सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके चलते भारत में LPG की किल्लत देखी जा रही है… सवाल-2: LPG होती क्या है, कैसे बनती है? जवाब: LPG यानी लिक्विड पेट्रोलियम गैस मुख्य रूप से दो गैसों का मिश्रण है- प्रोपेन और ब्यूटेन। LPG कोई ऐसी चीज नहीं है, जो सीधे जमीन से निकलती है। ये पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की रिफाइनिंग के दौरान निकलने वाले बाय-प्रोडक्ट से तैयार होती है। बाय-प्रोडक्ट को ऐसे समझिए कि दही से घी निकालने में मट्ठा भी बनता है। ऐसे ही पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की रिफाइनिंग में LPG बनती है। इसे बनाने के दो तरीके हैं… 1. तेल और गैस के कुओं से 2. तेल रिफाइनरियों में तैयार गैस को हाई-प्रेशर के साथ सिलेंडर भरा जाता है, जिससे गैस के अणु इतने करीब आ जाते है कि वे पानी की तरह लिक्विड बन जाते हैं। इससे कम जगह में ज्यादा LPG आ जाती है। LPG को जलाने पर लकड़ी जलाने जैसा धुआं नहीं होता, लेकिन कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है। LPG हवा से ज्यादा भारी होती है। अगर ये लीक हुई तो ऊपर नहीं, बल्कि नीचे बैठ जाती है। इसी के चलते LPG में प्रोपेन और ब्यूटेन के अलावा एथिल मरकैप्टन नाम का एक केमिकल मिलाया जाता है। ताकि LPG लीक होने पर तुरंत पता चल जाए और बड़ा हादसा न हो। प्रोपेन और ब्यूटेन में नेचुरली कोई गंध-रंग नहीं होती। इसलिए इसमें एथिरल मरकैप्टन मिलाते हैं, जिससे LPG को अजीब सी गंध मिलती है। जब LPG लीक होती है, तब ये गंध हमें पता चलती है। सवाल-3: ईरान जंग से भारत में LPG की सप्लाई कैसे बाधित हुई? जवाब: UAE, कतर, सऊदी अरब, कुवैत जैसे खाड़ी देशों से गैस या पेट्रोलियम को भारत आने के लिए हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरना पड़ता है। लेकिन अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते हॉर्मुज स्ट्रेट बंद पड़ा है। जंग से पहले इस जलमार्ग से रोजाना औसतन 153 शिप्स निकलते थे, लेकिन अब ये आंकड़ा 13 के करीब है। 11 मार्च को शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि फारस की खाड़ी में भारत के झंडे वाले 28 जहाज हैं। इनमें से 24 जहाज हॉर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में हैं, जिन पर 677 क्रू मेंबर हैं। वहीं हॉर्मुज स्ट्रेट पर 4 जहाज हैं, जिन पर 101 भारतीय नाविक हैं। ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में UAE, कतर, कुवैत, सऊदी अरब जैसे दर्जनभर खाड़ी देशों को निशाना बनाया है। इसके चलते यहां के गैस प्लांट का प्रोडक्शन बंद हो गया या प्रभावित हुआ। ईरान का तर्क है कि इन देशों पर मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों से ईरान पर हमले हो रहे हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजराइल के हमले जारी रहे तो हॉर्मुज स्ट्रेट से एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने देंगे। 11 मार्च को थाईलैंड के एक कार्गो शिप पर होर्मुज स्ट्रेट में हमला हुआ। ये शिप भारत आ रहा था। हमले के बाद शिप के इंजन रूम में आग लग गई। ओमान की नौसेना ने शिप के 23 में से 20 क्रू मेंबर्स को रेस्क्यू कर लिया। हालांकि हमला किसने किया, इसकी जानकारी नहीं है। सवाल-4: भारत के पास कितने दिन का स्टॉक मौजूद है? जवाब: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत के पास 10 दिन का LPG बफर स्टॉक है, जो जल्द ही खत्म हो सकता है। इसी के चलते केंद्र सरकार ने ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1995’ लागू कर दिया है, जिसके तहत LPG सिलेंडरों की जमाखोरी रोकी गई है। साथ ही अलग-अलग इस्तेमाल के हिसाब से प्राथमिकता तय की गई है। साथ ही तमाम सरकारी और निजी रिफाइनरियों को प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए कहा गया है। 11 मार्च को पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि घरेलू एलपीजी प्रोडक्शन में 25% की बढ़त हुई है। भारत के LPG स्टॉक के 2 अनुमान लगाए जा रहे हैं… हालांकि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने कहा है कि घरेलू इस्तेमाल के लिए LPG सप्लाई में कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सवाल-5: जंग लंबी चली, तो भारत कहां से LPG लाएगा? जवाब: केंद्र सरकार नए गैस सप्लायर्स के बारे में सोच रही है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, नॉर्वे और अमेरिका जैसे गैस सप्लायर्स से गैस खरीदने की संभावना है। अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू’ को सूत्रों ने बताया कि आमतौर पर यहां से शिपमेंट आने में ज्यादा वक्त लगता है। इसके चलते LPG की घरेलू खपत में कुछ समय की किल्लत हो सकती है। शिपिंग इंडस्ट्री का अनुमान है कि जहाजों को अमेरिका या नॉर्वे जाने और वहां से भारत तक गैस लाने में करीब 2 महीने का वक्त लगता है। इसके अलावा भारत ने रूस को कच्चे तेल के बड़े ऑर्डर दिए हैं। शिप ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, करीब 2.2 करोड़ बैरल रूसी कच्चा तेल लिए जहाज इस हफ्ते के आखिर तक भारतीय बंदरगाहों तक पहुंच सकते हैं। 3 करोड़ बैरल कच्चे तेल का ऑर्डर भी दिया है। रिलायंस और IOCL जैसी तेल कंपनियों ने एग्रीमेंट किया है। नए गैस सप्लायर्स की फेहरिस्त में ऑस्ट्रेलिया और कई अफ्रीकी देशों जैसे अल्जीरिया, नाइजीरिया और अंगोला का भी नाम है। सरकार इनसे भी करोबार कर सकती है। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया, ‘हम करीब 40 देशों से क्रूड इम्पोर्ट करते हैं। तेल कंपनियों ने अलग-अलग सोर्सेस से तेल मंगाया है। इसके कारण हमारा 70% क्रूड इम्पोर्ट हॉर्मुज स्ट्रेट के बाहर के रास्ते आ रहा है। ये पहले 55% था।’ वहीं 5 मार्च को पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी देश की सभी रिफाइनरियों को निर्देश जारी किया है कि वे मैक्सिमम कैपेसिटी में प्रोडक्शन करें। किसी भी तरीके से मिलने या तैयार होने वाली ब्यूटेन और प्रोपेन गैस का इस्तेमाल LPG प्रोडक्शन में करें। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडियन नेवी हॉर्मुज स्ट्रेट में फंसे कार्गो शिप्स को एस्कॉर्ट कर सकती है। हालांकि जून 2019 से खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए नेवी का ऑपरेशन संकल्प जारी है। वहीं 10 मार्च की रात भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची से बात की। वेस्ट एशिया के हालातों और हॉर्मुज स्ट्रेट के शिपमेंट्स पर चर्चा हुई। A detailed conversation this evening with Foreign Minister @araghchi of Iran on the latest developments regarding the ongoing conflict. We agreed to remain in touch.— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) March 10, 2026 सवाल-6: LPG की किल्लत के बीच आपके पास क्या ऑप्शन हैं? जवाब: रसोई गैस की मारा-मारी के बीच आप कुछ विकल्प अपना सकते हैं… ———– ईरान जंग से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… तेल से जेब भर रहा रूस, अब भारत को भी महंगा बेचेगा; अमेरिका-ईरान जंग से पुतिन कैसे बन रहे विनर, 5 फैक्टर्स अमेरिका-ईरान जंग से दुनिया के ज्यादातर देश परेशान हैं। लेकिन रूस के राष्ट्रपति पुतिन मुस्कुरा रहे हैं। इस जंग ने अचानक उन्हें फिर से बेहद रेलिवेंट बना दिया है। भारत पर रूसी तेल खरीदने की वजह से पनिशमेंट टैरिफ लगाने वाला अमेरिका, खुद रूस से तेल खरीदने के लिए कह रहा है। रूस का भी कहना है कि तेल तो हम दे देंगे, लेकिन पहले जैसा डिस्काउंट भूल जाइए। पूरी खबर पढ़ें…
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