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Canada Airport Gold Heist Story; Arsalan Chaudhary


कनाडा के पियर्सन एयरपोर्ट पर उस दिन सब नॉर्मल था। दुबई से आने वाली फ्लाइट टेकऑफ हुई थी। ग्रे कलर की हुडी पहने एक शख्स को देखते ही कुछ लोग तेजी से बढ़े और उसे पकड़ लिया। ये शख्स पाकिस्तानी मूल का अरसलान चौधरी था। चौधरी की गिरफ्तारी कनाडा की सबसे बड़ी सोन

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अप्रैल 2023 में चौधरी और उसके 8 साथियों ने एयरपोर्ट से 184 करोड़ रुपए का 400 किलो सोना चुराया था। वो 3 साल बाद 13 जनवरी, 2026 को पुलिस के हाथ आया। तीन साल की मेहनत और 32 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद पुलिस मास्टरमाइंड अरसलान चौधरी तक पहुंच पाई। कुल 9 आरोपियों में 5 भारतीय मूल के हैं। इनमें से सिमरनप्रीत अब भी पकड़ा नहीं गया है।

चोरी की पूरी कहानी ये कहानी 18 अप्रैल 2023 से शुरू हुई थी। दोपहर 2 बजे कनाडा पुलिस को सूचना मिली कि टोरंटो के पियर्सन एयरपोर्ट के वेयरहाउस से एक कंटेनर गायब है। इसमें 24 कैरेट सोने के 6 हजार बिस्किट और 2 करोड़ कनाडियन डॉलर यानी 134 करोड़ रुपए थे। ये सोना और डॉलर स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख से फ्लाइट के जरिए कनाडा लाया गया था। सोना टोरंटो के एक बैंक के लिए था और कैश वैंकूवर में एक मनी एक्सचेंज सेंटर में जाना था।

ये कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी चोरी थी। चोरों को पकड़ने के लिए पुलिस ने ऑपरेशन शुरू किया, जिसे प्रोजेक्ट 24K नाम दिया। पुलिस ने वेयरहाउस से कंटेनर गायब होने से जुड़ी डिटेल जुटानी शुरू की। शुरुआत में पता चला कि चोर जिस ट्रक से सोने और कैश से भरा कंटेनर ले गए, वही ट्रक एक दिन पहले सी-फूड का कंटेनर ले जाने के लिए आया था।

सी-फूड का बिल दिखाकर चोर वेयरहाउस में घुसे और सोने वाला कंटेनर चुरा ले गए। CCTV फुटेज से पता चला कि ये ट्रक शाम 6:03 बजे एयरपोर्ट कार्गो से निकला था।

सिमरन प्रीत पनेसर की एंट्री जिसे पुलिस की मदद में लगाया, वही चोरी में शामिल जांच में पुलिस की मदद करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने भारतीय मूल के अधिकारी सिमरन प्रीत पनेसर को लगाया। पुलिस अफसरों को वेयरहाउस से जुड़ी कोई जानकारी चाहिए होती, तो वह सिमरन प्रीत पनेसर से ही बात करते।

पहली बार सिमरनप्रीत पुलिस टीम को क्राइम स्पॉट पर ले गया, तो उसे पसीना आ रहा था। एक पुलिस अफसर ने इसे नोटिस कर लिया, लेकिन जानबूझकर नहीं टोका। जांच चल ही रही थी कि अचानक एक दिन सिमरनप्रीत पनेसर ने एयरपोर्ट की नौकरी छोड़ दी और गायब हो गया। पता चला कि वह भारत में है और चंडीगढ़ में रह रहा है।

कनाडा की पील रीजनल पुलिस ने इस केस में कुल 9 आरोपी बनाए। इनमें मास्टरमाइंड अरसलान चौधरी था। दूसरे नंबर पर सिमरनप्रीत पनेसर को रखा गया। पुलिस के मुताबिक, ओंटारियो के ब्रैम्पटन में रहने वाले सिमरनप्रीत पनेसर ने ही ट्रक ड्राइवर को एयरपोर्ट पर एक्सेस दिलाई थी। वो कंटेनर चोरी होने तक ऑनलाइन उसे ट्रैक करता रहा। पुलिस अब तक उसे पकड़ नहीं पाई है। भारत में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED भी मामले की जांच कर रही है।

कनाडा के पियर्सन एयरपोर्ट से इसी ट्रक से सोने का कंटेनर निकाला गया।

कनाडा के पियर्सन एयरपोर्ट से इसी ट्रक से सोने का कंटेनर निकाला गया।

पुलिस को आरोपियों की चैट मिली, चोरी से पहले 772 कॉल और मैसेज जांच के दौरान पुलिस को 17 अप्रैल 2023 को चोरी वाले दिन का एक चैट रूम मिला। इसमें अरसलान चौधरी और सिमरनप्रीत पनेसर समेत 4 लोग जुड़े थे। इस ग्रुप में दो दिन में 772 कॉल और मैसेज मिले।

चोरी के अगले दिन सिमरनप्रीत पनेसर को एक साथी का मैसेज मिला। इसमें लिखा था कि मुझे मेरे कजिन का कॉल आया था। उसने पूछा कि कल रात कार्गो में चोरी के बारे में सुना। इस पर सिमरनप्रीत ने रिप्लाई किया- ऐसा कुछ नहीं हुआ।

पुलिस को चैट के अलावा सिमरनप्रीत के खिलाफ डिजिटल एविडेंस भी मिले। पुलिस को पता चला कि सिमरनप्रीत एयरपोर्ट पर काम करता था, तब उसके पास हाई वैल्यू शिपमेंट को सर्च करने के लिए जरूरी एक्सेस था। चोरी के वक्त वही ऑपरेशंस कंट्रोल का एक्टिंग सुपरवाइजर था।

उसके कंप्यूटर सिस्टम की जांच से साफ हुआ कि जिस दिन फ्लाइट से सोना आ रहा था, उस दिन सिमरनप्रीत उसे ट्रैक कर रहा था। फ्लाइट से शिपमेंट कब उतरा, किस कंटेनर में रखा गया। इसे भी वो लगातार ट्रैक कर रहा था।

उसने कंटेनर को फिजिकली हटाने में मदद करने के लिए एयर कनाडा कार्गो सिस्टम में भी गड़बड़ी की। एयरपोर्ट पर सोना उतरने के बाद करीब तीन घंटे में गायब कर दिया गया। वेयरहाउस से ट्रक बाहर निकलते ही सिमरनप्रीत ने सिस्टम पर उसे सर्च करना बंद कर दिया।

सोने का कंटेनर ट्रक में लोड करने का सीसीटीवी फुटेज भी है। फर्जी बिल लेकर आए चोर आसानी से सोना लेकर निकल गए।

सोने का कंटेनर ट्रक में लोड करने का सीसीटीवी फुटेज भी है। फर्जी बिल लेकर आए चोर आसानी से सोना लेकर निकल गए।

पुलिस को सिमरनप्रीत पर शक था, लेकिन उसे अरेस्ट नहीं किया गया। पुलिस ने इसके लिए दलील दी कि ये पता चल गया था कि वह मास्टरमाइंड नहीं है। इसलिए इसे तुरंत हिरासत में नहीं लिया गया। ऐसा करने से दूसरे आरोपी फरार हो जाते। ये भी उम्मीद नहीं थी कि वह जॉब छोड़कर देश से बाहर चला जाएगा।

चोरी का मास्टरमाइंड अरसलान चौधरी चोरी होने तक एयरपोर्ट के पास होटल में रुका रहा 43 साल के अरसलान चौधरी ने सोने का कंटेनर चुराने की साजिश रची थी। चोरी के दौरान वह एयरपोर्ट के पास एक होटल में रुका रहा। यहीं से वो एयरपोर्ट पर नजर रख रहा था। चोरी के तुरंत बाद अरसलान ने होटल छोड़ दिया। चोरी किया सोना एयरपोर्ट से करीब 17 किमी दूर मिसिसॉगा के एक सेफ हाउस में छिपाया गया। इसे अरसलान ने किराए पर ले रखा था।

सेफ हाउस में सोना छिपाकर अरसलान करीब 100 किमी दूर एलिस्टन पहुंच गया। ये गांव जैसा एरिया है, जहां लोग गर्मियों की छुट्टियां बिताने आते हैं। यहां किराए पर घर, अपार्टमेंट या विला मिलते हैं। अरसलान चौधरी ने पैराडाइज सुइट्स नाम का एक विला किराए पर ले लिया। सभी आरोपी यहां जुटे और जश्न मनाया।

अरसलान चौधरी ने सेफ हाउस से धीरे-धीरे पूरा सोना और कैश ठिकाने लगा दिया। सोने का बड़ा हिस्सा कनाडा में ही पिघला दिया। कुछ सोना और कैश हवाला के जरिए दुबई और भारत पहुंचा दिया।

ये अरसलान चौधरी है। पियर्सन एयरपोर्ट पर उतरते ही उसे अरेस्ट कर लिया गया। अरसलान दुबई से कनाडा आया था।

ये अरसलान चौधरी है। पियर्सन एयरपोर्ट पर उतरते ही उसे अरेस्ट कर लिया गया। अरसलान दुबई से कनाडा आया था।

भागते वक्त घर में छोड़ गए 2.6 करोड़ रुपए पुलिस अरसलान चौधरी के सेफ हाउस भी पहुंची थी। घर बंद था। तलाशी में करीब डेढ़ लाख कनाडियन डॉलर मिले। इसके अलावा जहां-जहां आरोपी छिपे थे, वहां से कुल 4.3 लाख कनाडाई डॉलर यानी करीब 2.6 करोड़ रुपए मिले। मिसिसॉगा के सेफ हाउस से पुलिस को 12 फोन, दो पर्चियां और 10 हजार दिरहम मिले थे।

पर्चियों पर कैश बंटवारे का हिसाब लिखा था। इससे पता चला कि कुल एक करोड़ कनाडियन डॉलर यानी 67 करोड़ रुपए बंटने थे। इनमें 80 लाख डॉलर आपस में बांटने का जिक्र है। बाकी 20 लाख डॉलर सोना दुबई शिफ्ट करने पर खर्च होने थे।

इसमें फ्लाइट के लिए 50 हजार डॉलर, नाव के लिए 20 हजार डॉलर, रहने के लिए घर पर खर्च के लिए ढाई लाख डॉलर, सेफ स्पॉट के लिए 20 हजार डॉलर और दुबई के लिए 2.20 लाख डॉलर खर्च करने का जिक्र है।

चोरों ने कागज पर खर्च का पूरा ब्योरा लिखा था। इसमें सोना ठिकाने लगाने से लेकर ट्रांसपोर्टेशन तक का खर्च है।

चोरों ने कागज पर खर्च का पूरा ब्योरा लिखा था। इसमें सोना ठिकाने लगाने से लेकर ट्रांसपोर्टेशन तक का खर्च है।

सिर्फ 55 लाख का सोना मिला, जांच पर 32 करोड़ से ज्यादा खर्च एयरपोर्ट से कंटेनर चुराने का काम डुरांटे किंग मैक्लीन ने किया था। वह सी-फूड का नकली बिल लेकर वेयरहाउस तक पहुंचा था। फिंगरप्रिंट से कनाडा पुलिस ने उसकी पहचान की थी। 2 सितंबर 2023 को मैक्लीन को अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में गाड़ियों की रूटीन जांच के दौरान पकड़ा गया था। उसकी कार में स्पेयर टायर के बीच छिपाकर रखे बैग में पिस्टल मिली थीं।

मैक्लीन की कार से 65 पिस्टल मिली थीं। पुलिस को शक है कि वह चोरी के सोने को बेचकर मिले पैसों से हथियार खरीदकर उनकी तस्करी कर रहा था।

मैक्लीन की कार से 65 पिस्टल मिली थीं। पुलिस को शक है कि वह चोरी के सोने को बेचकर मिले पैसों से हथियार खरीदकर उनकी तस्करी कर रहा था।

इस केस में अमेरिका के फेडरल कोर्ट में एक रिपोर्ट दाखिल की गई। इसमें लिखा है कि मैक्लीन भारतीय मूल के अर्चित ग्रोवर और प्रसाद परमालिंगम के साथ मिलकर हथियारों की तस्करी कर रहा था। अर्चित ग्रोवर और प्रसाथ परमालिंगम की भूमिका कनाडा में सोना चोरी केस में भी है।

मैक्लीन के अरेस्ट होने से अरसलान चौधरी परेशान हो गया था। उसने अमेरिका में रहने वाले साथियों को मैसेज भेजा था कि उसे बताओ कि हम अपनी तरफ से सारी कोशिशें कर रहे हैं। अरसलान चौधरी की तरफ से कानूनी मदद मिलने के बाद मैक्लीन अमेरिकी कोर्ट में किसी भी क्राइम में शामिल होने से मुकर गया। हालांकि मैक्लीन अभी अमेरिकी जेल में है।

आरोपियों में 6 भारतीय मूल के, एक कनाडाई और दो पाकिस्तानी चोरी में कुल 9 आरोपी हैं। 8 पर सोना चुराने और एक पर उसे पिघलाने का आरोप है। भारतीय मूल के आरोपियों में सिमरनप्रीत पनेसर, अर्चित ग्रोवर, प्रसाद परमालिंगम, परमपाल सिद्धू और अमित जलोटा हैं। परमपाल भी पियर्सन एयरपोर्ट पर काम करता था।

अरसलान चौधरी और अम्माद चौधरी पाकिस्तानी मूल के हैं। करीब 55 लाख रुपए के सोने को गलाकर कंगन बनाने के आरोप में अरेस्ट अली रजा पाकिस्तान का है। उससे सोने के 6 कंगन मिले थे। सिमरनप्रीत पनेसर के अलावा सभी आरोपी पकड़ लिए गए। परमपाल सिद्धू, अमित जलोटा, अम्माद चौधरी, अली रजा, अर्चित ग्रोवर और प्रसाथ परमालिंगम को बाद में जमानत मिल गई।

सवाल अब भी बाकी, कहां गया 400 किलो सोना कनाडा पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ गोल्ड छोड़कर बाकी दूसरे देशों खासकर भारत और दुबई भेजा जा चुका है। मास्टरमाइंड अरसलान चौधरी खुद चोरी के बाद दुबई में छिप गया था। दुबई में सोना खपाना आसान है। चोरी के 4 महीने बाद अरसलान चौधरी को किए मैसेज से उसके दुबई में होने की पुष्टि हुई। मैसेज में लिखा था, ‘आज ही उस प्लान पर काम करो और दुबई जाओ।’

इस केस में 8 लोग अरेस्ट हुए, लेकिन किसी ने जुर्म कबूल नहीं किया। इसलिए सोने की रिकवरी नहीं हो पाई। इकलौता फरार और वॉन्टेड आरोपी सिमरनप्रीत पनेसर है। वो भारत में अपनी पत्नी के साथ म्यूजिक प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहा है। दैनिक भास्कर ने सोशल मीडिया के जरिए उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन कॉन्टैक्ट नहीं हो पाया।

पुलिस ने 28 किमी एरिया में CCTV फुटेज खंगाले, सेफ हाउस से सुराग मिला दैनिक भास्कर ने इस केस पर कनाडा की पील रीजनल पुलिस के हेड माइक मैविटी से बात की। वे बताते हैं, ‘चोरी की जांच के लिए जून, 2023 में 20 अफसरों की स्पेशल टीम बनाई गई। टीम ने एयरपोर्ट के आसपास 28 किमी दायरे का हर सीसीटीवी फुटेज खंगाला। एक महीने बाद सुराग मिलना शुरू हुए। पहला सुराग अरसलान चौधरी के सेफ हाउस का था, जहां चोरी के तुरंत बाद सोना रखा गया था।’

‘हमारी टीम ने एक साल में 9500 घंटे से ज्यादा ओवरटाइम काम करके 9 आरोपियों का पता लगाया। अरसलान चौधरी को चोरी का टॉप डॉग नाम दिया है। चोरी के बाद वह जिस AIRBNB में रुका था, वहां के वाईफाई से फोन कनेक्ट किया था। सभी आरोपियों के आपस में कनेक्शन मिले हैं।’

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