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Kerala BJP Performance; RSS Volunteers Killing


20 मार्च, 1942 को केरलम के कोझिकोड के चेल्लापुरम में दत्तोपंत ठेंगड़ी ने 12 स्वयंसेवकों के साथ RSS की पहली शाखा शुरू की थी। अब ये बढ़कर 5 हजार हो चुकी हैं। 84 हजार लोग रोज आते हैं। 2 लाख एक्टिव मेंबर्स हैं। फिर भी राजधानी तिरुवनंतपुरम में BJP का एक मे

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9 अप्रैल को केरलम में विधानसभा चुनाव के लिए 140 सीटों पर वोटिंग है। RSS और BJP के लिए केरलम चैलेंज बना हुआ है। BJP का दावा है कि इस राजनीतिक हिंसा में 300 से ज्यादा स्वयंसेवकों-कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। इसके बाद भी पार्टी का वोट परसेंट तो बढ़ रहा है, लेकिन सीटों में कन्वर्ट नहीं होता। क्या इस बार RSS की 5 हजार शाखाएं BJP के लिए कमाल कर पाएंगी, पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट…

‘पति का हाथ काटकर फेंक दिया था, हमने बदला ले लिया’ RSS के लिए केरलम में सबसे बड़ा चैलेंज राजनीतिक हिंसा रहा है। ये हिंसा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया यानी CPI (M), सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया यानी SDPI और कांग्रेस के कैडर के साथ होती रही है। कोझिकोड में RSS के मेन ऑफिस में एक पूरी दीवार पर इन लोगों की फोटो लगी हैं।

फोटो2017 का है। तब BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अमित शाह अमित शाह केरल गए थे। वहां उन्होंने राजनीतिक हिंसा में मारे गए BJP और RSS कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी थी।

फोटो2017 का है। तब BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अमित शाह अमित शाह केरल गए थे। वहां उन्होंने राजनीतिक हिंसा में मारे गए BJP और RSS कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी थी।

इन्हीं में से एक हैं, 2017 में हिंसा का शिकार हुए राजेश। आरोप है कि CPM के 15 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने राजेश का मर्डर कर दिया था। उन पर 40 से ज्यादा वार किए और एक हाथ काट दिया।

तिरुवनंतपुरम के श्रीकारयम् में हम राजेश की पत्नी रीना से उनके घर पर मिले। शाम के करीब 6 बजे पहुंचे। रीना उल्लूर में स्मृति ईरानी और प्रकाश जावड़ेकर की चुनावी सभा में जाने की तैयारी कर रही थीं। पति का जिक्र होते ही रीना रोने लगती हैं।

वे बताती हैं, ‘राजेश कदांबली में शाखा से लौटे थे। दूध लाने की बात कहकर घर से निकल गए। CPM के गुंडों ने उन्हें बहुत बेरहमी से मारा। मेरे दो बेटे हैं, घरों में छोटा-मोटा काम करके उन्हें पढ़ा रही हूं। हमने यहां (वार्ड में) उन्हें हराकर पति की हत्या का बदला ले लिया है।’

श्रीकारयम् में काफी कुछ बदल चुका है। 3 महीने पहले हुए कॉर्पोरेशन के चुनाव में रीना के वार्ड से BJP की स्वाति पार्षद चुनी गई हैं। रीना के मुताबिक, अब मोहल्ले में RSS की रेगुलर शाखा लग रही है। इस विधानसभा सीट से BJP ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरलीधरन को कैंडिडेट बनाया है। रीना उनकी जीत को लेकर कॉन्फिडेंट हैं।

इसी घर में राजेश के माता-पिता भी रहते हैं। मां बताती हैं, ‘बेटे की मौत से पति को गहरा सदमा लगा। वे बेहोश हो गए। अब भी कुछ देर में सब भूल जाते हैं।’

बगल में बैठे राजेश के पिता कहते हैं, ‘मुझे TV से पता चला कि बेटे की मौत हो गई। केंद्र सरकार हमें पेंशन देना चाहती है, लेकिन CPM सरकार ने सब अटका दिया। हमें बार-बार परेशान कर रही है।’

ये राजेश की पत्नी, बेटा और माता-पिता हैं। राजेश की मौत को करीब 9 साल हो चुके हैं, लेकिन परिवार सदमे से नहीं उबर पाया है।

ये राजेश की पत्नी, बेटा और माता-पिता हैं। राजेश की मौत को करीब 9 साल हो चुके हैं, लेकिन परिवार सदमे से नहीं उबर पाया है।

‘राजेश को मार दिया, लेकिन शाखा बंद नहीं करा पाए’ राजेश का CPM के लोगों से शाखा को लेकर विवाद हुआ था। अब ये शाखा इडावाकोड चला रहे हैं। वे कहते हैं, ‘राजेश की वाइफ रीना को कोई मदद नहीं मिली। बच्चों को पढ़ाने के लिए पैसे नहीं है। कई बार खाने के पैसे नहीं होते।’

इडावाकोड आगे बताते हैं, ‘शाखा अब भी शाम को 7:30 से 8:30 बजे तक लगती है। इसमें 22 लोग आते हैं। RSS के लोग रीना के परिवार की मदद करते हैं। बच्चों को फ्री ट्यूशन पढ़ाते हैं। CPM सरकार अब भी बदला ले रही है। ओणम पर बिजली-पानी काट दिया था। BJP की पार्षद बनी, तो 15 दिन तक पानी नहीं आया।’

केरलम में इस बार RSS और BJP कितने कॉन्फिडेंट 3.61 करोड़ आबादी वाले केरलम में करीब 53% आबादी हिंदू हैं। हम ग्राउंड पर RSS के लिए काम कर रहे लोगों को ढूंढते हुए संगठन से जुड़े अखबार जन्मभूमि के दफ्तर पहुंचे। यहां RSS के केरलम नॉर्थ प्रांत के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों से मिले।

दोनों से साफ कह दिया कि यहां हुई बातें अनऑफिशियल ही होंगी। हमारे नाम का कहीं जिक्र नहीं होगा। चुनाव से जुड़ी तैयारियों के सवाल पर बोले, ‘हम यहां सरकार बनाने नहीं, जगह बनाने के लिए लड़ रहे हैं। हमारा फोकस 20 से 25 सीटों पर है] जहां हमने पिछले सालों में मजबूती से पैर जमाए हैं। इनमें 7 से 10 सीटों पर जीत की संभावना दिख रही है।’

‘25% हिंदू वोटर्स हमारे, ईसाइयों को भी जोड़ना होगा’ RSS के पदाधिकारी बताते हैं, ‘संघ केरलम में हमेशा से मजबूत है। यहां 50% वोटर्स हिंदू हैं। 25% BJP के समर्थक हैं। बाकी 25% CPM के हैं। यही हमारे लिए चैलेंज है।’

RSS इतना मजबूत है, तो BJP स्ट्रगल क्यों कर रही है? इस पर वे कहते हैं, ‘संघ आइडोलॉजी के लेवल पर लोगों को जोड़ चुका है। चुनाव जीतने के लिए हमें 25 में से करीब 15% वोट और जोड़ने होंगे। हिंदू तो जुड़े ही हैं, लेकिन क्रिश्चियन वोट भी हमारे लिए अहम है।’

‘क्रिश्चियन और मुस्लिम हमेशा से कांग्रेस के वोटर रहे हैं। अभी हुए कॉर्पोरेशन चुनाव में हमारे कई क्रिश्चियन उम्मीदवार जीते हैं। हम यहां क्रिश्चियन परिवारों तक पहुंच रहे हैं और उन्हें राष्ट्र प्रेम के बारे में बता रहे हैं। हमारा लक्ष्य एक लाख परिवारों तक पहुंचना है।’

BJP ने 31 मार्च को अपना संकल्प पत्र जारी किया है। इसके जरिए भी क्रिश्चियन वोट साधने की कोशिश की गई है। संकल्प पत्र में कहा गया है कि साल में दो बार LPG सिलेंडर पर सब्सिडी मिलेगी। ये सब्सिडी ओणम और क्रिसमस पर मिलेगी।

एक्सपर्ट बोले- BJP को जीतने में 10 साल से ज्यादा लगेंगे RSS को करीब से समझने वाले सीनियर जर्नलिस्ट कैलाश भी संघ के पदाधिकारियों के दावे को सही मानते हैं। वे कहते हैं, ‘केंद्र में BJP के आने से धीरे–धीरे माहौल बदल रहा है, नेचुरली BJP का वोट शेयर बढ़ रहा है।’

‘यहां संघ के इफेक्टिव नहीं होने के पीछे वजह है कि ये धार्मिक तौर पर सेंसेटिव स्टेट है। कम्युनिस्ट का ट्रेंड रहा है। अब हिंदु एकजुट हो रहे हैं। मुस्लिम भी एक तरफ जा रहे हैं। क्रिश्चियन का एक धड़ा BJP की तरफ खिसक रहा है। कई क्रिश्चियन इंटेलेक्चुअल RSS और BJP से जुड़े हैं। हालांकि, जिस स्पीड से ये सब हो रहा है, अभी BJP को केरलम जीतने में 10 साल से ज्यादा लग जाएंगे।’

BJP की पहली मेयर बोलीं- CPM दंगा कराना चाहती है तिरुवनंतपुरम में हमारी मुलाकात BJP पार्षद स्वाति से हुई। वे सिर्फ 25 साल की हैं। दिसंबर में हुए कॉर्पोरेशन चुनाव में जीत के बाद राज्य में BJP का प्रमुख चेहरा बन गई हैं। स्वाति बताती हैं, ‘ये जीत ऐसे ही हासिल नहीं हुई। मैं चुनाव से पहले हर घर गई। हर परिवार को 6 से 7 बार काॅल किया। पीएम की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने के वादे ने भी लोगों का समर्थन दिलाया।’

विधानसभा चुनाव में कौन जीतेगा, इस सवाल पर स्वाति कहती हैं, ‘हमारी सीट काराकोटम है। पूरी उम्मीद है कि BJP उम्मीदवार मुरलीधरन जीत जाएंगे। समर्थन बढ़ता देख CPM यहां धार्मिक इश्यू पैदा कर रही है। वे हिंदु-मुस्लिम को लड़ाना चाहते हैं। चुनावी सभाओं में कह रहे हैं कि BJP वाले मुस्लिमों की हत्या कराते हैं।’

ये स्वाति हैं। तिरुवनंतपुरम नगर निगम के एडावाकोड वार्ड से पार्षद हैं। स्वाति निकाय चुनाव में BJP की सबसे कम उम्र की कैंडिडेट थीं।

ये स्वाति हैं। तिरुवनंतपुरम नगर निगम के एडावाकोड वार्ड से पार्षद हैं। स्वाति निकाय चुनाव में BJP की सबसे कम उम्र की कैंडिडेट थीं।

तिरुवनंतपुरम BJP ऑफिस- रील्स, मीम्स, मैसेज और वीडियोज स्वाति से बातचीत के बाद हम तिरुवनंतपुरम में BJP के दफ्तर पहुंचे। BJP के नेशनल जनरल सेक्रेटरी और केरलम प्रभारी विनोद तावड़े यहां डेरा डाले हुए हैं। महाराष्ट्र से कुछ विधायक भी आए हैं, जो 24 घंटे चुनाव की वर्किंग में शामिल हैं।

हर फ्लोर पर यंग प्रोफेशनल्स काम करते नजर आ रहे हैं। तीसरे फ्लोर पर पार्टी का सोशल मीडिया वॉर रूम है। टीम के इंचार्ज युवराज बताते हैं, ‘इस काम में हमारा मुकाबला कोई नहीं कर सकता। हम लगातार रील्स, मीम्स, मैसेज, वीडियो सोशल मीडिया पर भेज रहे हैं। मैं केरलम BJP में युवा मोर्चा का पदाधिकारी भी हूं। तिरुवनंतपुरम की 3 सीटों पर हमें जीत पक्की लग रही है।’

ये तिरुवनंतपुरम में BJP का ऑफिस है। दिखने में ये किसी ये किसी कॉर्पोरेट ऑफिस की तरह है।

ये तिरुवनंतपुरम में BJP का ऑफिस है। दिखने में ये किसी ये किसी कॉर्पोरेट ऑफिस की तरह है।

इस दफ्तर से 5 किमी दूर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर का ऑफिस है। कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी है। उनके लिए मछली–चावल और रसम तैयार है। कोल्लम जिले से आए कार्यकर्ता प्रदीप बताते हैं, ‘46 साल से BJP में हूं। इस बार कम से कम 15 सीटें तो मिलेंगी। अब हम पहले की तरह CPM से नहीं डरते हैं।’

हमने इस मसले पर राजीव चंद्रशेखर से भी बात की। वे कहते हैं, ‘पहले यहां BJP कमजोर थी, इसीलिए RSS को CPM के वायलेंस का सामना करना पड़ा। काफी लोग शहीद हुए।’ पार्टी की तैयारियों पर वे कहते हैं, ‘सभी 140 सीटों पर चुनाव लड़ने और जीतने का टारगेट है।’

‘केरलम में टू-पार्टी सिस्टम खत्म हो रहा, मोदी के आने से कांग्रेस की साख कम हुई’ केरल यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर प्रोफेसर जयप्रसाद का मानना है कि राज्य में टू-पार्टी सिस्टम खत्म होता दिख रहा है। वे कहते हैं, ‘मोदी प्रधानमंत्री बने तो दो बातें हुईं, कांग्रेस की साख कम हुई और स्टेट की पार्टियों की पॉपुलैरिटी घट गई।’

‘पहले यहां 95% वोट LDF और UDF में बंट जाता था। अब BJP का 15% वोट पक्का है। पिछले चुनाव में करीब 20% हो गया था। लेफ्ट ढलान की तरफ है, नेता पुराने हो चुके हैं। नए नेता नहीं हैं। कांग्रेस और मुस्लिम लीग का भी यही हाल है। लोगों को लीडर नहीं नजर आ रहा।’

जयप्रसाद आगे कहते हैं, ‘केरलम में हर सीट पर 25 से 34% मुस्लिम BJP के लिए सबसे बड़ा चैलेंज हैं। CPM और कांग्रेस इसी वोट को BJP की हार के लिए एकजुट रखते हैं। क्रिश्चियन कम्युनिटी 18 से 20% हैं, ये कांग्रेस के वोटर हैं, लेकिन अब BJP की तरफ झुक रहे हैं। इस बार BJP को 22 से 25% वोट शेयर आने की संभावना है।’

………………………………. केरलम चुनाव पर ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़िए

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