LPG Cylinder Booking Rule Change 2026- पेट्रोलियम मंत्रालय ने LPG सिलेंडर बुकिंग के नियमों में दो बड़े बदलाव किए हैं — पहला, दूसरा सिलेंडर अब 25 दिन बाद ही बुक होगा; दूसरा, डिलीवरी के वक्त DAC (Delivery Authentication Code) देना अनिवार्य हो गया है। ये नियम देशभर में तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं।
नई दिल्ली | 10 मार्च 2026 | बिज़नेस डेस्क : अगर आप LPG उपभोगता है और गैस सिलेंडर बुक करते हैं, तो यह खबर आपके लिए जानना बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मार्च 2026 से घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग प्रक्रिया में दो अहम बदलाव किए हैं। पहला- अब एक सिलेंडर की डिलीवरी होने के बाद कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा, तभी अगला सिलेंडर बुक हो पाएगा। दूसरा- डिलीवरी के समय डिलीवरीमैन को एक खास कोड देना जरूरी हो गया है, जिसके बिना सिलेंडर नहीं मिलेगा। ये दोनों नियम अब पूरे देश में एक साथ लागू हो गए हैं।
LPG Cylinder Booking Rule Change: गैस सिलेंडर की बुकिंग नए नियम — एक नज़र में
- पहला बदलाव: दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक होगा (पहले 21 दिन था)
- दूसरा बदलाव: डिलीवरी के समय DAC Code देना अनिवार्य — बिना कोड के सिलेंडर नहीं मिलेगा
- मकसद: जमाखोरी और Panic Booking रोकना, सही सप्लाई बनाए रखना
- लागू: 7 मार्च 2026 से पूरे देश में, सभी तीन तेल कंपनियों पर
- उज्ज्वला योजना: ₹300 सब्सिडी जारी, लेकिन नया नियम उन पर भी लागू
- सालाना सीमा: सामान्य उपभोक्ताओं को साल में 12 सब्सिडी सिलेंडर मिलते हैं
क्या है नया 25 दिन वाला नियम?
पहले का नियम यह था कि गैस सिलेंडर मिलने के 21 दिन बाद अगला सिलेंडर बुक किया जा सकता था। लेकिन अब यह सीमा 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। यानी अगर आपको 1 मार्च को सिलेंडर मिला, तो आप 26 मार्च से पहले नया सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। चाहे आप फोन से बुक करें, ऐप से करें या मिस्ड कॉल से।
तेल कंपनियों – इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने अपने सॉफ्टवेयर और ऐप्स को इस नए नियम के अनुसार अपडेट कर दिया है। अगर आप 25 दिन से पहले बुकिंग की कोशिश करेंगे, तो सिस्टम आपकी बुकिंग स्वीकार नहीं करेगा और एक सूचना मिलेगी – “अभी बुकिंग संभव नहीं है।”
DAC Code क्या है? डिलीवरी का नया तरीका जानें
दूसरा बड़ा बदलाव है DAC यानी Delivery Authentication Code। यह एक OTP जैसा कोड होता है, जो गैस सिलेंडर बुक करने पर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए आता है। डिलीवरीमैन जब आपके दरवाजे पर सिलेंडर लेकर आएगा, तो आपको यह कोड उसे देना होगा। कोड वेरिफाई होने के बाद ही सिलेंडर आपके हाथ में दिया जाएगा।
इस व्यवस्था का मकसद फर्जी डिलीवरी रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि सिलेंडर सही व्यक्ति तक ही पहुंचे। कई बार देखा गया है कि डिलीवरी दिखाई जाती थी, लेकिन सिलेंडर ग्राहक को मिलता नहीं था। DAC से यह समस्या खत्म होगी।
DAC Code कैसे काम करता है? स्टेप बाय स्टेप
Step 1: मोबाइल ऐप या फोन से सिलेंडर बुक करें
Step 2: बुकिंग confirm होते ही रजिस्टर्ड नंबर पर DAC Code आएगा
Step 3: डिलीवरीमैन घर आने पर यह Code उसे बताएं
Step 4: डिलीवरीमैन कोड वेरिफाई करेगा
Step 5: Verification के बाद ही सिलेंडर मिलेगा
आखिर सरकार ने ये नए नियम क्यों बनाये ? असली कारण जानें
इन नियमों के पीछे की वजह है LPG जमाखोरी पर रोक। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गैस आपूर्ति बाधित होने की खबरों के बाद देश के कई इलाकों में लोग घबराकर जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करने लगे थे। राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों में तो कमर्शियल LPG की अघोषित किल्लत की खबरें भी आई हैं। ऐसे में सरकार ने ‘Panic Booking’ रोकने के लिए 25 दिन का नियम लागू किया है, ताकि सप्लाई चेन पर अनावश्यक दबाव न पड़े और हर परिवार को समय पर सिलेंडर मिलता रहे। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि देश में गैस का पर्याप्त भंडार है और 25-30 दिनों की आपूर्ति सुरक्षित है।

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर क्या असर पड़ेगा?
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत कनेक्शन लेने वाले करीब 10.5 करोड़ परिवारों पर भी यह नियम लागू होगा। लेकिन उनके लिए खुशखबरी यह है कि ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी जारी रहेगी। इस वित्त वर्ष में PMUY लाभार्थियों को 9 सिलेंडर तक सब्सिडी मिलेगी, जो सीधे बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए आएगी। DAC Code वाला नियम उन पर भी लागू होगा, इसलिए बुजुर्ग या कम पढ़े-लिखे लाभार्थियों को अपने परिजनों की मदद लेने की सलाह दी जाती है।
किन लोगों को छूट मिल सकती है? जानें पूरा नियम
अभी तक की जानकारी के अनुसार यह नियम सभी घरेलू LPG उपभोक्ताओं पर एक समान लागू होगा। कोई भी विशेष श्रेणी — जैसे बड़े परिवार, जुड़वां कनेक्शन या पुराने उपभोक्ता — इससे अलग नहीं है। अगर किसी के घर में अधिक सदस्य हैं और 25 दिन में सिलेंडर खत्म हो जाता है, तो वे दूसरा कनेक्शन लेने का विकल्प चुन सकते हैं। एक ही परिवार में दो अलग-अलग कनेक्शन रखना नियमों के तहत मान्य है, बशर्ते दोनों अलग-अलग नाम पर हों।
नए नियम के बाद सिलेंडर कैसे बुक करें? पूरी जानकारी
- Indane (Indian Oil): मिस्ड कॉल 7718955555 या IndianOil One ऐप से बुक करें
- HP Gas (HPCL): मिस्ड कॉल 7715012345 या HP Gas ऐप से बुक करें
- Bharat Gas (BPCL): मिस्ड कॉल 7715012345 या Bharatgas ऐप से बुक करें
याद रखें: बुकिंग के बाद आने वाले DAC Code को किसी के साथ शेयर न करें — सिर्फ डिलीवरीमैन को ही बताएं। यह कोड एकदम गोपनीय है, ठीक जैसे आपका बैंक OTP होता है।
विशेषज्ञों की राय: क्या यह नियम सही दिशा में है?
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि 25 दिन का नियम और DAC Code दोनों मिलकर सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनाएंगे। हडोती कोटा LPG वितरक संघ के कोषाध्यक्ष चंद्रेश शर्मा के अनुसार इस नियम से गैस एजेंसियों पर से बेवजह का बोझ भी कम होगा और ग्राहकों को भी सही डिलीवरी मिलने का भरोसा रहेगा। हालांकि कुछ जानकार यह भी कह रहे हैं कि जिन इलाकों में नेटवर्क कमजोर है या बुजुर्ग लोग रहते हैं, वहां DAC Code की प्रक्रिया थोड़ी मुश्किल हो सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: क्या 25 दिन से पहले emergency में सिलेंडर मिल सकता है?
A: फिलहाल सरकार ने कोई emergency छूट नहीं दी है। 25 दिन की सीमा सभी पर समान रूप से लागू है।
Q: DAC Code नहीं बताया तो क्या होगा?
A: Code के बिना डिलीवरीमैन सिलेंडर नहीं देगा और डिलीवरी अधूरी मानी जाएगी। दोबारा डिलीवरी के लिए फिर से अनुरोध करना होगा।
Q: क्या ऑफलाइन बुकिंग (गैस एजेंसी जाकर) पर भी यह नियम लागू है?
A: हाँ, चाहे आप ऑनलाइन बुक करें या एजेंसी जाकर — 25 दिन का नियम और DAC Code दोनों अनिवार्य हैं।
Q: अगर मोबाइल नंबर बदल गया है तो DAC Code कैसे मिलेगा?
A: पहले अपनी गैस एजेंसी में जाकर मोबाइल नंबर अपडेट कराएं। अपडेट होने के बाद ही Code सही नंबर पर आएगा।


