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MTF Vs OMSS: गेहूं के दाम फिर चढ़े, 14 जनवरी के टेंडर से बाजार को बड़ी उम्मीद


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MTF vs OMSS: किसान भाइयों, पिछले हफ्ते गेहूं बाज़ार (wheat market) में उठापटक ने सबकी धड़कनें बढ़ा दीं थी । जहाँ सोमवार को सरकार की OMSS स्कीम की खबर ने गेहूं की कीमतों (wheat prices) को 100 रुपये से 150 रुपये तक नीचे गिरा दिया, वहीं बीच सप्ताह MTF के अपडेट ने गिरावट को थाम लिया। इसी बीच सरकारी बिक्री की सीमित मात्रा की एक खबर ने शुक्रवार को दिल्ली मंडी में गेहूं भाव को फिर सहारा दिया और दाम ₹55 की तेजी के साथ ₹2880 पर पहुंच गए । जानिए, आखिर क्या है पूरा मामला और आपको गेहूं में क्या रणनीति अपनानी चाहिए ।

सरकारी घोषणा ने बाजार में मचाया हड़कंप

सप्ताह की शुरुआत में ही जब OMSS (Open Market Sale Scheme) के तहत गेहूँ बिक्री की खबर आई, तो व्यापारियों और स्टॉकिस्टों के हाथ-पाँव फुल गए। एक झटके में गेहूं के भाव में सौ से डेढ़ सौ रुपये तक की गिरावट आ गई। डर की वजह गेहूं के बढ़ते भावों पर फिर से ब्रेक लग जाएगा। नवंबर में जब सरकारी बिक्री बंद हुई थी, तब कम आवक और सरकारी स्टॉक के बावजूद मंडियों में तेजी की रंगत लौटी थी। लग रहा था कि बाजार अब पुराने घाटे भर लेगा, लेकिन सोमवार की खबर ने सबकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

MTF अपडेट ने बचाई लाज

9 जनवरी को जैसे ही MTF अपलोड होने की खबर आई, गिरती कीमतों को रोकने में कामयाबी मिली। इस एक घोषणा ने गिरावट की रफ्तार को कम कर दिया और जैसे ही MTF अपलोड हुआ कीमतों में 20-30 रुपये का सुधार दिखा। व्यापारियों ने राहत की सांस ली। लेकिन ये सुधार अस्थायी था, क्योंकि असली खेल तो शुक्रवार को होना था।

कम सप्लाई की खबर ने बदला पूरा खेल

10 जनवरी को जब यह खबर फैली कि OMSS scheme के तहत सरकार केवल 1 लाख टन गेहूँ ही बेचेगी, तो बाजार की धारा ही पलट गई। जी हाँ, पिछले टेंडर की तुलना में ये मात्रा आधी थी, लेकिन इसका असर उलटा पड़ा। दिल्ली मंडी में शाम तक mandi prices ₹55 की तेजी के साथ ₹2880 प्रति क्विंटल पर पहुँच गई। अब कीमतें धीरे-धीरे उसी ₹2960 के स्तर की तरफ बढ़ रही हैं, जो OMSS की खबर आने से टूट गया था।

14 जनवरी टेंडर में क्या है खास?

अब सभी की नजरें 14 जनवरी के टेंडर पर टिकी हैं। सरकार ने इसमें बिडिंग की मात्रा तो बढ़ा दी है, लेकिन आवंटन को पिछले टेंडर के मुकाबले आधा कर दिया है। इसका सीधा असर ये होगा कि टेंडर में बोलियां ऊंचे भाव पर लग सकती हैं। वहीं, धारणा है कि आने वाले टेंडरों में सरकार माल की मात्रा बढ़ा सकती है ताकि देश में तेजी से बढ़ती गेहूं की कीमतों को रोका जा सके।

अब आगे आपको क्या रणनीति अपनानी चाहिए?

हमारे विश्लेषण के मुताबिक, जल्द ही गेहूँ का भाव एक बार फिर ₹2950 तक पहुँच सकता है। सोमवार 12 जनवरी को भी गेहूं में तेजी की उम्मीद है। इससे आगे की तेजी सरकार की नीतियों पर निर्भर करेगी। लेकिन जब तक कोई नया फैसला नहीं आता, गेहूं में सुधार की उम्मीद कायम है। किसान भाइयों, अगर आपके पास स्टॉक है, तो धैर्य रखें। व्यापारी भाइयों, मौके पर नजर रखें और जोखिम संभालें।

डिस्क्लेमर : व्यापार अपने ख़ुद के विवेक से करें, भावों में उतार-चढ़ाव संभव है।



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