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Noida International Airport NEW Update; Face Recognition Entry


यूपी के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आपके सफर के लिए तैयार है। फर्स्ट फेज में 3300 एकड़ में बने एक टर्मिनल और रनवे का काम पूरा हो चुका है। बस फिनिशिंग बाकी है। एक रनवे के साथ इस टर्मिनल की सालाना क्षमता 3 करोड़ पैसेंजर संभालने की होगी। एय

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सभी 4 फेज का काम पूरा हो जाने के बाद ये एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का छठा बड़ा एयरपोर्ट होगा। हालांकि पूरा बनने की डेडलाइन 2040 है। भास्कर सबसे पहले इस एयरपोर्ट के अंदर पहुंचा है। पढ़िए आपके काम की सारी बातें…

1. टर्मिनल बिल्डिंग

  • नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली के IGI एयरपोर्ट से दबाव कम करने के लिए बनाया गया है। IGI एयरपोर्ट से ये करीब 72 किमी दूर है।
  • इसकी टर्मिनल बिल्डिंग के ऊपर का हिस्सा नदी के बहाव जैसी सफेद डिजाइन वाली जालीनुमा शेप से कवर है। इससे नेचुरल लाइट अंदर आती है।

2. एंट्री गेट

  • टर्मिनल में दाखिल होते ही वाराणसी और हरिद्वार के घाट जैसा आर्किटेक्चर दिखता है। सीढ़ियों का डिजाइन गंगा घाटों से लिया गया है। छत डोम के आकार की है, जिससे सूरज की रोशनी छनकर आती है।
फोटो हरिद्वार के गंगा घाट की है। इसे नमामि गंगा प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया है।

फोटो हरिद्वार के गंगा घाट की है। इसे नमामि गंगा प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया है।

3. डिपार्चर एरिया

  • डिपार्चर पॉइंट पर सबसे पहले चेक-इन काउंटर बने हैं। एयरपोर्ट से अभी तीन एयरलाइंस इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा का करार हुआ है। तीनों के काउंटर बन गए हैं। स्टाफ ने चेक-इन के लिए ट्रायल शुरू कर दिया है।
  • यहां आप एयरलाइंस स्टाफ के जरिए बैगेज ड्रॉप कर सकेंगे। यहीं बोर्डिंग पास भी मिल जाएगा।

4. सेल्फ बैगेज ड्रॉप फैसिलिटी

  • एयरलाइंस काउंटर के पास 10 ऑटोमेटिक सेल्फ बैगेज ड्रॉप बॉक्स लगाए गए हैं। यहां दो तरीके से बैग ड्रॉप कर सकेंगे।
  • पहला: टिकट पर मौजूद क्यूआर कोड स्कैन करते ही पैसेंजर की डिटेल डिस्प्ले होगी। यहां बैगेज ड्रॉप का ऑप्शन चुनकर लगेज रख देना है। इसी मशीन से बोर्डिंग पास भी ले सकेंगे।
  • दूसरा: इसमें डिजी यात्रा एप (Digi Yatra App) इस्तेमाल करना होगा। सेल्फ बैगेज ड्रॉप बॉक्स पर लगी मशीन के कैमरे में चेहरा स्कैन करना होगा। ऐसा करते ही टिकट की डिटेल स्क्रीन पर आ जाएगी। वहां बैगेज ड्रॉप ऑप्शन चुनकर लगेज का वजन देखना है। यहीं से बोर्डिंग पास का प्रिंट मिल जाएगा।

5. सिक्योरिटी चेक

  • सिक्योरिटी चेकिंग के लिए 8 गेट हैं। सभी डिजी यात्रा एप से जुड़े हैं। इनमें से किसी भी गेट पर चेहरा स्कैन करके एंट्री मिल जाएगी।
  • डिजी यात्रा एप यूजर के लिए पेपरलेस सिस्टम है। बाकी पैसेंजर्स को बोर्डिंग पास और आईडी प्रूफ दिखाकर मैनुअल तरीके से एंट्री करनी होगी।
  • डिजी यात्रा एप यूज करने वाले पैसेंजर्स के बाकी पैसेंजर्स की तुलना में 20 से 30 मिनट बचेंगे।

6. बोर्डिंग एरिया

  • बोर्डिंग की तरफ जाने के लिए कुल 13 गेट हैं। यहां सिक्योरिटी जांच होगी। हर चेकिंग मशीन के बीच में 2-2 गेट हैं।
  • सिक्योरिटी चेकिंग के बाद कॉरिडोर के रास्ते बोर्डिंग गेट के लिए जाना होगा। कॉरिडोर से आगे बढ़ते ही एस्कलेटर लगे हैं।
  • यहां से नीचे जाने पर सामने साइन बोर्ड दिखेंगे। इन पर गेट नंबर-A14a, A14b से लेकर A44 तक मिलेंगे। बोर्डिंग एरिया तक जाने के लिए बोर्डिंग पास में दिए गेट नंबर से जाना होगा।

7. लाउंज एरिया

  • एयरपोर्ट के बोर्डिंग एरिया में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी उम्र के पैसेंजर्स का ध्यान रखा गया है। बुजुर्गों के लिए व्हील चेयर मिलेंगी।
  • शोर-शराबे से बचना चाहते हैं, तो लाउंज के पास पीस जोन भी बनाया गया है। ये ग्लास से कवर है।
  • लाउंज में ही बच्चों के लिए प्लेइंग जोन है। तीन प्रेयर रूम बनाए गए हैं। बोर्डिंग गेट के पास बेबी केयर रूम भी हैं।

8. टेंपल ऑफ बेल्स

  • टेंपल ऑफ बेल्स का डिजाइन पद्मश्री परेश मैती ने बनाया है। इसे मंदिर की घंटियों से बनाया गया है।
  • इसी के पास एक एक्सपीरियंस जोन है। यहां पैसेंजर्स अलग-अलग तरह की एक्टिविटीज कर सकेंगे।
  • पैसेंजर्स के खाने-पीने के लिए स्टॉल और शॉपिंग के लिए ब्रांडेड शोरूम भी हैं। एयरपोर्ट की ओपनिंग के साथ ही शोरूम खुल जाएंगे।

9. एयरोब्रिज

  • बोर्डिंग एरिया से प्लेन में आने-जाने के लिए 12 गेट हैं। इनमें 10 एयरोब्रिज वाले गेट हैं। इन्हीं एयरोब्रिज से फ्लाइट से उतरने वाले पैसेंजर एयरपोर्ट पर आएंगे।
  • इसके अलावा 2 रिमोट गेट हैं, जहां से पैसेंजर्स बस में सवार होकर प्लेन तक पहुंचेंगे।

10. सुरक्षा

  • एयरपोर्ट को इमरजेंसी की स्थिति से निपटने के लिए खासतौर पर डिजाइन किया गया है। यहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तैनात हो चुकी हैं।
  • ये गाड़ियां पूरे एयरपोर्ट एरिया में कहीं भी 2 मिनट के अंदर पहुंच सकेंगी। इनकी रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे होगी।
  • एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम यानी ILS कैट-3 इंस्टॉल कर दिया गया है। इससे 3900 मीटर लंबे रनवे पर विमान घने कोहरे और 50 मीटर की विजिबिलिटी में भी आसानी से लैंड कर सकेंगे।

नोएडा एयरपोर्ट की खास बातें

1. रनवे के लिहाज से एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 5 रनवे बनाए जाने हैं। यहां छठवां रनवे भी बनाया जा सकता है। इसके बाद ये एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का छठवें नंबर का एयरपोर्ट होगा। रनवे के लिहाज से एशिया में चीन का शंघाई पुडोंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट सबसे बड़ा है।

2. एरिया के लिहाज से भी एशिया में सबसे बड़ा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कुल 52 स्क्वायर किमी में बनना प्रस्तावित है। अगर ऐसा हुआ तो एरिया वाइज भी ये एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा। अभी एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट चीन का बीजिंग डेक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। इसका एरिया 47 स्क्वायर किमी है।

3. दूसरा फेज पूरा होते ही देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा नोएडा एयरपोर्ट के पहले स्टेज के लिए यमुना डेवलपमेंट अथॉरिटी ने 3300 एकड़ जमीन अलॉट की है। ये एरिया करीब 13.35 स्क्वायर किमी है। दूसरे स्टेज में एयरपोर्ट का कुल एरिया बढ़कर करीब 7200 एकड़ या 29 स्क्वायर किमी हो जाएगा। अभी देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट हैदराबाद का राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जो करीब 5500 एकड़ यानी 22.25 स्क्वायर किमी में बना है।

28 मार्च को उद्घाटन, अप्रैल में पहली उड़ान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन PM मोदी 28 मार्च को करेंगे। हालांकि फ्लाइट अप्रैल से शुरू होंगी। नोएडा एयरपोर्ट अथॉरिटी से जुड़े अफसरों ने बताया कि किराया अभी तय नहीं है, लेकिन ये दिल्ली एयरपोर्ट मुकाबले कम हो सकता है क्योंकि यहां एयरलाइंस के लिए डेवलपमेंट चार्ज कम रखा गया है।



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